एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय शेष है, लेकिन कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और वर्चस्व की लड़ाई तेज होती दिख रही है। पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल’ ने इस बार एक अलग राह चुनी है। चुरहट से सात बार के विधायक अजय सिंह अब केवल अपने गढ़ विंध्य तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं। पिछले महीने चंबल अंचल के सघन दौरे के बाद अब वे बुंदेलखंड के जिलों में घर-घर जाकर पुराने कांग्रेसियों को एकजुट करने में जुटे हैं।
अजय सिंह की इस सक्रियता के पीछे एक बड़ी रणनीति देखी जा रही है। चंबल और बुंदेलखंड के दौरों के दौरान उनके बयानों से साफ है कि वे संगठन के उन समर्पित कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को फिर से मुख्यधारा में लाना चाहते हैं जो फिलहाल घर बैठे हैं या सक्रिय नहीं हैं। ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन करने के बाद निवाड़ी पहुंचे अजय सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे फिलहाल फुर्सत में हैं और खाली समय का उपयोग उन साथियों को जोड़ने में कर रहे हैं जो कांग्रेस की मजबूती का आधार रहे हैं।
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विशेष बात यह है कि अजय सिंह अपने पिता स्वर्गीय अर्जुन सिंह के समय के पुराने निष्ठावान परिवारों से सीधा संपर्क साध रहे हैं। वे बड़े मंचीय कार्यक्रमों के बजाय कार्यकर्ताओं के घरों और जिला कार्यालयों में जाकर छोटी बैठकें कर रहे हैं। चंबल दौरे के दौरान उन्होंने सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके कारण ही प्रदेश की सत्ता हाथ से गई थी, जिसे जनता भुला नहीं सकती। अब बुंदेलखंड में वे इसी तरह की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
अजय सिंह ने टीकमगढ़ में एक पुरानी याद ताजा करते हुए बड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह 2018 के चुनावों से पहले उन्होंने पूरे प्रदेश की यात्रा की थी और माला न पहनने का प्रण लिया था, उसी तरह इस बार भी वे चुनाव तक माला नहीं पहनेंगे। उनका मानना है कि 2018 में इस संकल्प के बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी, हालांकि वह टिक नहीं पाई। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी इस मुहिम से 2028 में न केवल कांग्रेस की सरकार बनेगी, बल्कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल भी पूरा करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विंध्य और चंबल के बीच ‘रिश्तेदारी’ बढ़ाने की उनकी अपील दरअसल मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के कांग्रेसियों को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश है, ताकि आने वाले समय में वे अपनी एक मजबूत टीम खड़ी कर सकें।


