एजेंसी, कोलकाता। बंगाल में चुनावी जीत के बाद खूनी संघर्ष : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज अड़तालीस घंटे के भीतर हिंसा की एक सनसनीखेज घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद उत्तर 24 परगना जिले के कई इलाकों में तनाव फैल गया है और राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है।
पश्चिम बंगाल – कोलकाता के मध्यमग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या
PA चंद्रनाथ रथ की एक के बाद एक 4 गोली मारकर की निर्मम हत्या, pic.twitter.com/AUDfMnL6YF
— SHINE NEWS (@ShineNewsLive) May 7, 2026
घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने हालात को देखते हुए मध्यमग्राम, दोहरिया और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। वहीं प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
चुनाव परिणाम के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद से लगातार राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या ने राज्य की राजनीति को और अधिक उग्र बना दिया है। भाजपा ने इस घटना को “सुनियोजित राजनीतिक हत्या” करार दिया है और इसके पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक टकराव पहले से अधिक बढ़ गया है। इसी बीच इस हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
मृतक चंद्रनाथ रथ लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और उन्हें उनका बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। बताया जा रहा है कि वह पिछले पांच वर्षों से शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने चुनावी अभियान की कई अहम जिम्मेदारियां संभाली थीं। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी की रणनीति और प्रचार अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार चंद्रनाथ रथ पहले वायुसेना में भी काम कर चुके थे और बाद में राजनीति से जुड़े। संगठन में उनकी पकड़ और सक्रियता के कारण उन्हें भाजपा के अंदर एक मजबूत रणनीतिकार के रूप में देखा जाता था।
कैसे हुई वारदात?
जानकारी के अनुसार घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे की है। चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से कोलकाता से घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी मध्यमग्राम के डोलतला इलाके के पास पहुंची, तभी अचानक मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रास्ता रोक लिया।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद चंद्रनाथ रथ गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और चालक की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था और हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे।
चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक कहानी
घटना के बाद सामने आए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान ने पूरी वारदात की भयावहता को उजागर कर दिया है। एक चश्मदीद के अनुसार जब वह घर से बाहर निकले तो सड़क पर एक गाड़ी खड़ी दिखाई दी। चालक बुरी तरह घबराया हुआ था और रोते हुए मदद मांग रहा था।
उन्होंने बताया कि गाड़ी के अंदर एक व्यक्ति खून से लथपथ पड़ा था और उसके मुंह से हल्की आवाज निकल रही थी। चालक लगातार कह रहा था कि कुछ लोग गोली मारकर भाग गए हैं।
चश्मदीद के अनुसार चंद्रनाथ रथ के सीने पर गंभीर गोली के निशान थे और पूरी गाड़ी खून से भर चुकी थी। लोगों ने तुरंत चालक को अस्पताल जाने के लिए कहा और पुलिस को सूचना दी।
हमले में कई लोगों के शामिल होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था। सूत्रों के अनुसार कम से कम आठ हमलावर चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। सभी ने हेलमेट पहन रखे थे ताकि पहचान छिपाई जा सके।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि हमले में एक कार की भी भूमिका हो सकती है। बताया जा रहा है कि फायरिंग से ठीक पहले एक कार ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोकने की कोशिश की थी।
सूत्रों के अनुसार संदिग्ध कार पर सिलिगुड़ी का पंजीकरण नंबर लिखा हुआ था, लेकिन पुलिस को शक है कि नंबर प्लेट फर्जी हो सकती है।
पुलिस ने शुरू की बड़े स्तर पर जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा कि जांच कई स्तरों पर की जा रही है और हर सुराग को गंभीरता से परखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हमले में इस्तेमाल की गई कार और मोटरसाइकिलों की गतिविधियों को भी ट्रैक किया जा रहा है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस हत्या को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी समर्थकों का कहना है कि विपक्ष से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब खुलेआम राजनीतिक हत्याएं की जा रही हैं। पार्टी ने इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बंगाल में हिंसा पर फिर उठे सवाल
चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और राज्य का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।
इसी बीच शुभेंदु अधिकारी ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।
लेकिन चंद्रनाथ रथ की हत्या ने यह साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद भी बंगाल की राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं हुई है। अब पूरा ध्यान इस बात पर टिका है कि जांच एजेंसियां इस सनसनीखेज हत्या के पीछे छिपे लोगों तक कब पहुंच पाती हैं।


