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असम में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज, 12 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

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एजेंसी, गुवाहाटी। असम में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज : असम में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा ने जानकारी दी है कि नव निर्वाचित सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को बेहद भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।

राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारी इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकों और तैयारियों में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि यह समारोह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जाएगा।

खानपारा में होगा शपथ ग्रहण समारोह

मुख्य सचिव रवि कोटा के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी के खानपारा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

समारोह स्थल को विशेष रूप से सजाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था, अतिथियों के स्वागत और सुरक्षा को लेकर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम में देशभर से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा उद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग भी शामिल हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर हाई अलर्ट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। मुख्य सचिव रवि कोटा ने पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की।

इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, आयोजन स्थल की तैयारियों, प्रोटोकॉल और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार हों।

मुख्य सचिव ने कहा कि इतने बड़े आयोजन में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हो सके।

इस्तीफा सौंप चुके हैं हिमंत विश्व शर्मा

विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का अनुरोध किया है।

राजनीतिक हलकों में लगभग यह तय माना जा रहा है कि हिमंत विश्व शर्मा को ही दोबारा मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हालांकि औपचारिक घोषणा भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद की जाएगी।

विधायक दल की बैठक में होगा नेता का चयन

भाजपा ने विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक जबकि नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।

सूत्रों के अनुसार विधायक दल की बैठक 10 मई को आयोजित हो सकती है, जिसमें नए नेता का औपचारिक चुनाव किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में मिली भारी जीत और संगठन पर मजबूत पकड़ को देखते हुए हिमंत विश्व शर्मा का दोबारा मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।

लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटा राजग

असम विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया।

भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने दस-दस सीटों पर विजय हासिल की।

यह परिणाम राज्य में भाजपा की मजबूत राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक ताकत का संकेत माना जा रहा है। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि विकास योजनाओं, नेतृत्व क्षमता और जमीनी स्तर पर मजबूत अभियान का लाभ भाजपा गठबंधन को मिला।

पूर्वोत्तर में भाजपा की बढ़ती ताकत

असम में लगातार तीसरी जीत को भाजपा के लिए केवल एक राज्य की सफलता नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में पार्टी की मजबूत होती स्थिति के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों में अपने संगठन को काफी विस्तार दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि असम की जीत से पार्टी को आगामी चुनावों में भी राजनीतिक लाभ मिल सकता है। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व इस शपथ ग्रहण समारोह को विशेष महत्व दे रहा है।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं

नई सरकार के गठन को लेकर राज्य की जनता में भी काफी उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले कार्यकाल में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर नई सरकार से बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।

युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं ने इस चुनाव में भाजपा को भारी समर्थन दिया है। ऐसे में सरकार पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का दबाव भी रहेगा।

भव्य आयोजन की तैयारी

सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने की योजना है। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी तैयारी की जा रही है ताकि असम की परंपरा और संस्कृति की झलक देशभर से आए मेहमानों को दिखाई जा सके।

गुवाहाटी में सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से व्यवस्थित किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह शपथ ग्रहण समारोह केवल नई सरकार के गठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन और पूर्वोत्तर में उसकी बढ़ती राजनीतिक ताकत के प्रतीक के रूप में भी देखा जाएगा।

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