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पंजाब में लगातार धमाकों से बढ़ी चिंता, अमृतसर और जालंधर में विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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एजेंसी, चंडीगढ़। पंजाब में लगातार धमाकों से बढ़ी चिंता : पंजाब में देर रात हुए दो संदिग्ध धमाकों ने पूरे राज्य में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अमृतसर और जालंधर में महज कुछ घंटों के अंतराल में हुए विस्फोटों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। दोनों घटनाओं ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में दोनों जगह विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।

पहला धमाका जालंधर में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय के बाहर खड़ी एक स्कूटी में हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट अमृतसर के खासा स्थित सेना क्षेत्र के पास देर रात हुआ। इन घटनाओं के बाद पुलिस, सेना और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

तीन घंटे में दो धमाकों से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार जालंधर में शाम के समय धमाका हुआ, जिसके बाद कुछ ही घंटों में अमृतसर के खासा आर्मी कैंट क्षेत्र के बाहर विस्फोट की खबर सामने आई। लगातार दो घटनाओं ने लोगों में भय और चिंता बढ़ा दी है।

जालंधर में हुए धमाके के बाद आग भी लग गई थी। घटना का दृश्य आसपास लगे निगरानी कैमरों में कैद हो गया है, जिसकी मदद से जांच एजेंसियां संदिग्धों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। वहीं अमृतसर में सेना क्षेत्र के बाहर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है।

सेना क्षेत्र के बाहर फेंका गया विस्फोटक

पंजाब पुलिस के अनुसार अमृतसर के खासा आर्मी कैंट क्षेत्र की बाहरी दीवार के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने बाहर से विस्फोटक सामग्री फेंकी थी, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ धातु जैसी सामग्री बरामद हुई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट करने के लिए किसी प्रकार के देसी विस्फोटक या अन्य उपकरण का उपयोग किया गया।

सूत्रों के मुताबिक कुछ नकाबपोश लोग मोटरसाइकिल पर आए थे और विस्फोटक फेंककर मौके से फरार हो गए। पुलिस अब आसपास के कैमरों की मदद से उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है।

दीवार और टीन शेड को हुआ नुकसान

धमाके के कारण सेना क्षेत्र की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को कुछ नुकसान पहुंचा है। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि सुरक्षा के लिए लगाए गए टीन शेड गिर गए और दीवार का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ।

धमाके की आवाज सुनते ही सेना और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई। सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी चलाया ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।

बम निरोधक दस्ता और विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे

घटना के बाद भारतीय सेना ने अपनी विशेष टीमों को मौके पर भेज दिया है। सेना के बम निरोधक दस्ते के साथ-साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं।

जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की प्रकृति क्या थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और हर पहलू की जांच की जा रही है।

दोनों घटनाओं में विस्फोटक उपकरण के इस्तेमाल की आशंका

सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में दोनों घटनाओं में विस्फोटक उपकरण के इस्तेमाल की संभावना सामने आई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या दोनों घटनाओं के पीछे कोई एक ही समूह या साजिश काम कर रही थी। लगातार कम समय में दो अलग-अलग शहरों में धमाके होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश?

इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने लगातार हो रहे धमाकों पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले जालंधर और फिर अमृतसर में हुए धमाके बेहद गंभीर घटनाएं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कौन पंजाब की शांति को भंग करने की कोशिश कर रहा है और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी घटनाओं को रोकने में क्यों विफल हो रही हैं।

राजा वड़िंग ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र में गंभीर कमियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने इन घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

कुछ दिन पहले पटियाला जिले में रेलवे लाइन के पास भी जोरदार धमाका हुआ था, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित मालवाहक रेल मार्ग के पास हुए उस विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी।

हालांकि उस घटना में भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता रहती है। ऐसे में लगातार हो रहे विस्फोटों ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।

फिलहाल पुलिस, खुफिया एजेंसियां और सेना संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। संदिग्धों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

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