एजेंसी, तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य तनाव अब और भी ज्यादा गहरा गया है। ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह बड़ा दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी बचाव अभियान के दौरान दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर ढेर कर दिया है। ईरानी सेना के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई इस्फहान के दक्षिणी हिस्से में उस समय अंजाम दी गई, जब अमेरिकी फौज अपने एक पायलट को सुरक्षित निकालने की कोशिशों में जुटी हुई थी।
VIDEO | Tehran: Iran claims destruction of US C-130 aircraft and two Black Hawk helicopters during a rescue mission in Isfahan.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/DN56pMYhB9
— Press Trust of India (@PTI_News) April 5, 2026
अमेरिकी तकनीक चोरी होने के डर से खुद तबाह किए विमान
ईरान के इन दावों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट में एक अलग ही कहानी सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने के लिए भेजे गए दो ट्रांसपोर्ट विमान तकनीकी वजहों से वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को स्थिति संभालने के लिए तीन और नए विमान भेजने पड़े। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने खुद ही अपने उन फंसे हुए विमानों को बम से उड़ा दिया, ताकि उनकी उन्नत और गोपनीय तकनीक ईरान के हाथ न लग सके।
ट्रम्प का दावा और ईरान को कड़ी चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान भी सामने आया है। उन्होंने ईरान के दावों के उलट यह कहा है कि उनका रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल दे या फिर समझौते की मेज पर आए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर समय रहते ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर देगी।
अल्टीमेटम ठुकराकर ईरान ने दिखाई तल्खी
ईरानी सेना ने राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिए गए इस 48 घंटे के अल्टीमेटम को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि अमेरिका इस वक्त बेबस महसूस कर रहा है और घबराहट में आकर ऐसी धमकियां दे रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। इस जवाबी कार्रवाई और कड़े रुख के बाद खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता का माहौल है।
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