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अनूपपुर में चार मंजिला अग्रवाल लॉज गिरने से 3 की मौत और कई घायल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया 9 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

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एजेंसी, अनूपपुर। अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां चार मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दुखद घटना में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य लोग मलबे में दबने से घायल हुए हैं। रविवार सुबह मलबे से एक महिला का शव निकाला गया, जबकि शनिवार को दो पुरुषों के शव बरामद हुए थे। मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव और रामकृपाल यादव के रूप में हुई है। बचाव कार्य अभी भी जारी है और मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

लापरवाही बनी हादसे की मुख्य वजह

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लॉज के बगल वाले प्लॉट पर गहरी खुदाई और निर्माण कार्य चल रहा था। इस खुदाई की वजह से चार मंजिला इमारत की नींव कमजोर हो गई और शनिवार शाम करीब 5:30 बजे पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए लॉज मालिक लल्लू अग्रवाल और संबंधित जमीन मालिक के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर लिया है।

मुख्यमंत्री ने दी बड़ी आर्थिक सहायता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए तत्काल राहत राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान, संबल योजना और रेडक्रॉस को मिलाकर प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को भी ढाई-ढाई लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि राज्य सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

युद्ध स्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी राहत और बचाव कार्य थमा नहीं है। भिलाई से बुलाई गई एनडीआरएफ की 36 सदस्यीय टीम के साथ एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और एसईसीएल की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से मलबे को साफ किया जा रहा है। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। कई लोगों ने पहले भी गहरी खुदाई को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। करीब 10 साल पुरानी यह लॉज बस स्टैंड के पास होने के कारण हमेशा यात्रियों से भरी रहती थी। इस हादसे ने निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की सख्ती की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरी जांच के बाद दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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