एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा में सदन चलाने के लिए सुलह की बातचीत के बाद भी विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच सोमवार को जमकर नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई और पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने बजट पर चर्चा की शुरुआत कराने के लिए कांग्रेस के डॉ. शशि थरूर का नाम लिया।
उन्होंने डॉ थरूर का नाम लेते हुए उन्हें बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन डॉ थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं। यह उनका अधिकार है लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। संध्या राय ने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन इस समय सिर्फ बजट पर ही बोलना है। इसी बीच सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि करीब एक घंटा पहले वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे और उन्होंने कहा था कि वह उन्हें सदन में कुछ मुद्दों पर बोलने की अनुमति देंगे लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सरकार अपनी बात से पीछे हट गई है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था दी कि सदन में सिर्फ बजट पर ही बोलना है। इसके अलावा आपको अन्य किसी विषय पर नहीं बोल सकते क्योंकि किसी अन्य विषय पर बोलने के लिए आपकी तरफ से कोई नोटिस नहीं है इसलिए आप सिर्फ बजट पर अपनी बात कह सकते हैं। उनका कहना था कि बजट के अलावा किसी और विषय पर सदन में बोलना है तो पहले नोटिस देना पड़ेगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा “जिस मुलाकात की बात विपक्ष के नेता कर रहे हैं उस दौरान वह भी अध्यक्ष के कमरे में थे। राहुल गांधी के साथ उनकी पार्टी के नेता के सी वेणुगोपाल भी थे लेकिन उस समय अध्यक्ष ने कहा था कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने पर सहमति बनती है तो बोलने दिया जाएगा। आप जो बोलना चाहते हैं उस पर बोलने की बात नहीं हुई थी। राहुल गांधी सदन में इस मुलाकात में हुई बात को लेकर जो कुछ कह रहे हैं ऐसी कोई बात अध्यक्ष के कमरे में नहीं हुई थी। अध्यक्ष ने कहा कि यदि सबकी सहमति बनती है और सदन शांति से चलता है तो देखेंगे। यह बात हुई थी।” श्रीमती राय ने फिर डॉ थरूर को बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने बजट पर कुछ नहीं बोला। दोनों तरफ से तकरार तेज हो गयी तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरु किया तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके कारण उन्हें 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिर 12 बजे सदन शुरु हुआ तो विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया जिसके कारण सदन को दो बजे तक स्थगित किया गया था ।
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राहुल गांधी ने कहा महिला सांसदों के भय से नहीं नरवणे की पुस्तक से डर कर लोकसभा में नहीं आए पीएम मोदी
राष्ट्रपति अभिभाषण पर नेता विपक्ष को नहीं बोलने देने पर लोकसभा में जारी गतिरोध के लिए राहुल गांधी ने सरकार को जिम्मेदार ठहराने के साथ ही स्पीकर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
कांग्रेस की महिला सांसदों के कथित हमले के डर से पीएम धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने नहीं आने के स्पीकर के आरोपों को झूठ बताते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में इसलिए नहीं आए क्योंकि वे पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरावणे की पुस्तक के उठाए हमारे मुद्दे से डरे हुए हैं। महिला सांसदों से खतरे के दावों को चुनौती देते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि ऐसा था तो धमकी देने वालों पर एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तार क्यों नहीं किया। लोकसभा में सोमवार, 9 जनवरी को भी अपनी बात रखने का मौका नहीं दिए जाने के बाद संसद परिसर में राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि अमेरिका से जो टैरिफ समझौता हुआ है उसमें किसानों पर बहुत प्रतिकूल असर होगा। राहुल गांधी ने कहा, ‘बजट चर्चा में अमेरिकी डील में किसानों का यह मुद्दा उठेगा इसलिए सरकार बहस से डर रही है।’ कांग्रेस की महिला सांसदों द्वारा पीएम पर सदन में हमले करने की तैयारी के आरोपों को आसन और सत्तापक्ष के दुष्प्रचार के रूप में इंगित करते हुए राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि यह सच नहीं, ऐसा करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
जनरल नरवणे की किताब पर मचा बवाल
सच्चाई बहुत साफ है कि विपक्ष के सदस्यों के कारण नहीं प्रधानमंत्री जनरल नरवणे की पुस्तक से उठाए उनकी बातों से अब भी डरे हुए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते। पीएम में सदन में आने की हिम्मत होनी चाहिए। अगर किसी ने कहा है कि पीएम पर हमला करने वाला है तो एफआइआर कर उस व्यक्ति को गिरफ्तार करें, आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं। लोकसभा में गतिरोध खत्म करने के संबंध में राहुल ने कहा कि समझौता यह है कि हमें इन बातों को सदन में कहने की अनुमति दी जाएगी और फिर बजट पर चर्चा हो और विपक्ष भी चर्चा चाहता है।
रक्षा मंत्री पर लगाए आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर सदन में झूठ का दावा करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि रक्षामंत्री ने कहा था कि पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई, जबकि इसकी एक प्रति हमारे पास है। भाजपा सांसद निशिकांत दूबे को किताबों का हवाला देकर पूर्व प्रधानमंत्रियों पर अपमानजक आरोप लगाने का मौका देने पर राहुल गांधी ने स्पीकर आसन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष समेत पूरे विपक्ष को नहीं बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने आगे कहा, सत्तापक्ष के एक सदस्य ने किताबों का हवाला दिया, घटिया बातें कही मगर उन्हें कुछ नहीं कहा गया। जबकि चर्चा की मांग करने के लिए कांग्रेस-विपक्षी सदस्यों को निलंबित किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि हम यह स्वीकार नहीं कर सकते कि सत्तापक्ष के लोग जब जो चाहे कह सकते हैं और विपक्ष के सदस्यों को बोलने नहीं देंगे।


