एजेंसी, हैदराबाद। Petrol Diesel : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण और समझदारी से उपयोग करने की एक महत्वपूर्ण अपील की है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता के बीच, प्रधानमंत्री ने रविवार को नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी ऊर्जा की खपत में संयम बरतने का सुझाव दिया। हैदराबाद में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ईंधन के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है।
India continues to scale new heights of progress but at the same time there are several challenges we have to overcome.
Here is my appeal to my fellow Indians. pic.twitter.com/vIz1nT2EF6
— Narendra Modi (@narendramodi) May 10, 2026
ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक ऊर्जा संकट की चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली आपूर्ति बाधित हुई है। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल परिवहन के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम उत्पादों का केवल आवश्यकतानुसार उपयोग करने से न केवल बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि युद्ध के कारण होने वाले नकारात्मक प्रभावों से निपटने में भी सहायता मिलेगी।
तेल कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान
देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) वर्तमान में गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होने के बावजूद, भारत में पिछले 10 हफ्तों से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे गए हैं। इस कारण इन कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर ईंधन बेचने की वजह से प्रतिदिन लगभग 1,600 से 1,700 करोड़ रुपये का घाटा (अंडर-रिकवरी) उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, पिछले ढाई महीनों में यह कुल नुकसान एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है।
वैकल्पिक ऊर्जा और सरकार की भविष्य की रणनीति
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। साथ ही, पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण (Blending) की प्रक्रिया में भी काफी तेजी आई है, जिससे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
गैस आपूर्ति और विविधीकरण पर जोर
सरकार की बहुआयामी ऊर्जा रणनीति का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का शुरुआती ध्यान एलपीजी की पहुंच हर घर तक सुनिश्चित करने पर था। अब सरकार का लक्ष्य पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) को सस्ता और सुलभ बनाना है। इसके अलावा, ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाने के लिए सीएनजी आधारित व्यवस्था को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली जैसे शहरों में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की दर पर स्थिर है, लेकिन लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर के कारण आने वाले समय में कीमतों में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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