एजेंसी, मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार सुबह प्रसिद्ध गौ रक्षक चंद्रशेखर, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, की मृत्यु के बाद जबरदस्त बवाल देखने को मिला। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। डीआईजी शैलेश पांडे ने स्पष्ट किया है कि यह घटना किसी साजिश या तस्करी का परिणाम नहीं, बल्कि एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति अब पूरी तरह काबू में है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना कोसी थाना क्षेत्र में तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। बाबा और उनके साथियों ने शक के आधार पर एक गाड़ी को जांच के लिए रुकवाया था। उसी दौरान घने कोहरे की वजह से पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने रुकी हुई गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद कुछ लोगों ने शव को सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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डीआईजी ने बताया कि बातचीत के दौरान कुछ लोग शांत हो गए थे, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि पुलिस के पास उपद्रव के वीडियो फुटेज मौजूद हैं और सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर चल रही गोवंश तस्करी की खबरों का खंडन करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था, उसमें किराने का सामान लदा था। वहीं, पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक में लोहे के तार भरे हुए थे। पुलिस ने साफ किया कि इस मामले का गौ तस्करी या गोमांस से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल कोहरे के कारण हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण एक्सीडेंट है। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।


