एजेंसी, नई दिल्ली। Yoga Day 2026 : देश भर में रविवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास, उमंग और भारी उत्साह के साथ मनाया गया। इस साल का यह वैश्विक आयोजन बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग की एक बेहद अनूठी और महत्वपूर्ण विषय वस्तु पर आधारित था। इस बड़े वैश्विक उत्सव का नेतृत्व देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग-अलग राज्यों के मुख्य कार्यक्रमों में मौजूद रहकर किया। देश के इन शीर्ष नेताओं के साथ ही भारत के रक्षा मंत्री, थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वीर जवानों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के करोड़ों नागरिकों ने सुबह-सुबह खुली हवा में सांस लेते हुए कई तरह के योगाभ्यासों में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
An exceptional Yoga Day programme was held at Kolkata’s Red Road this morning, in which people from all walks of life participated, giving an important message on the vitality of Yoga in everyone’s lives.
This time, the theme was ‘Yoga For Healthy Ageing’ which emphasised the… pic.twitter.com/XHd4pyK46f
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
जबलपुर में राष्ट्रपति मुर्मू और मध्य प्रदेश के नागरिकों का योग अनुष्ठान
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर जबलपुर के गैरीसन मैदान में इस वर्ष का एक मुख्य और बड़ा राजकीय समारोह आयोजित किया गया था। इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सफेद रंग की विशेष पोशाक पहनकर नीले रंग के आसन पर बैठकर विभिन्न प्रकार के योग आसनों और मुद्राओं का अभ्यास किया और पूरे कार्यक्रम की अगुवाई की। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति के साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पूरे समय उपस्थित रहकर योग की विभिन्न विधाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल और दूरदर्शी 12 साल के नेतृत्व के साथ इस 12वें योग दिवस का साक्षी बनना हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। जबलपुर के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों जैसे इंदौर में हजारों की संख्या में आए लोगों ने एक साथ मिलकर भ्रामरी प्राणायाम का एक नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही राजधानी भोपाल, ग्वालियर और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी बहुत बड़े स्तर पर सामूहिक योग के अद्भुत कार्यक्रम संपन्न हुए।
कोलकाता की रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वैश्विक संदेश
दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रसिद्ध मैदान रेड रोड पर एक विशाल और ऐतिहासिक योग शिविर का आयोजन किया गया था। यहाँ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमुदाय के बीच योग दिवस के विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया और स्वयं भी आसन पर बैठकर योग की विभिन्न क्रियाएं कीं। अपने प्रेरणादायक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पवित्र ग्रंथ भगवद्गीता के श्लोकों का जिक्र करते हुए जीवन में संतुलन और एक अनुशासित दिनचर्या के महत्व को बहुत ही सुंदर तरीके से समझाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमित योगाभ्यास केवल किसी व्यक्ति के निजी स्वास्थ्य को ही बेहतर नहीं बनाता है, बल्कि यह पूरी दुनिया में शांति, भाईचारे और सद्भावना का मार्ग भी साफ करता है। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही कोलकाता के निवासियों की तारीफ करते हुए उन्हें स्वच्छता से स्वागत अभियान को सफल बनाने की बधाई दी। उन्होंने देशवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के साथ इंसानी शरीर और मस्तिष्क की कार्य करने की क्षमताएं कभी कम नहीं होनी चाहिए, बल्कि योग के माध्यम से हमें खुद को और अधिक लचीला, फुर्तीला तथा ऊर्जावान बनाए रखना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अपील और भारतीय सेनाओं का अदम्य साहस
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस खास मौके पर पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य में स्थित अपर शिलांग के भारतीय वायु सेना के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर आयोजित एक विशेष योग शिविर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी जवानों और देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में न देखकर इसे अपने दैनिक जीवन की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार प्रयासों के कारण ही भारत की यह प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत आज पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा जन-आंदोलन बन चुकी है। इसके साथ ही भारत की सीमाओं की सुरक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले देश के तीनों सशस्त्र बलों यानी थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वीर जवानों ने भी बहुत ही कठिन और ऊंचे बर्फीले पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी भागों और समंदर के किनारों तक पूरे जोश के साथ योग सत्रों में भाग लिया। देश की राजधानी दिल्ली की छावनी में बने करियप्पा परेड ग्राउंड में लगभग 3500 सैन्य कर्मियों, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों और स्कूल के छोटे बच्चों ने एक साथ मिलकर योगाभ्यास किया और एकता का संदेश दिया।
लेह की पहाड़ियों से लेकर कार निकोबार के तटों तक गूंजा योग का नाम
भारतीय वायु सेना के जांबाज जवानों ने उत्तर दिशा में स्थित लेह की ठंडी पहाड़ियों से लेकर दक्षिण दिशा में दूर स्थित कार निकोबार के तपते हुए समुद्र तटों तक, और पूर्व के दुर्गम इलाके तवांग से लेकर देश के पश्चिमी छोर पर स्थित द्वारका तक कई बड़े योग सत्रों का सफल आयोजन किया। इसी तरह भारतीय नौसेना के जवानों ने भी शांत मन, मजबूत शरीर, अभियान के लिए तैयार के एक बेहद मजबूत संकल्प के साथ योग को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाया। नौसेना के लिए यह दिन एक और वजह से भी बहुत ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि इसी दिन कोलकाता के बंदरगाह पर देश में ही निर्मित तीन आधुनिक और शक्तिशाली स्वदेशी युद्धपोतों, जिनमें स्टील्थ फ्रिगेट दूनागिरि भी शामिल है, को भारतीय नौसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से शामिल करने का गौरवशाली कार्य पूरा होना था। पूरी तरह से देखा जाए तो इस साल का यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया भर में इस मजबूत संदेश को फैलाने में पूरी तरह सफल रहा कि योग किसी एक खास दिन या किसी एक निश्चित उम्र की सीमा में बंधा हुआ नहीं है, बल्कि यह इंसानी चेतना को जगाने का एक सशक्त जरिया और एक मजबूत, स्वस्थ तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण का सबसे बड़ा आधार है।
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