एजेंसी, नई दिल्ली। Voter List Update 17 States : भारत निर्वाचन आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर को लेकर जारी सियासी खींचतान और विवाद के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के स्पेशल समरी रिवीजन का निर्देश जारी किया है। आयोग के इस व्यापक अभियान के अंतर्गत मतदाता सूचियों को नए सिरे से अपडेट किया जाएगा, जिसके जरिए सभी योग्य नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे और पूर्व से दर्ज अशुद्धियों को पूरी तरह सुधारा जाएगा। इस विशेष संशोधन अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी नए युवा मतदाता पहचान पत्र के लिए अग्रिम तौर पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह पूरा प्रशासनिक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पिछले दिनों 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की सख्त प्रक्रिया के तहत करीब 13 करोड़ प्रविष्टियों को वोटर लिस्ट से हटाया गया था, जिस पर विपक्षी दलों ने तीखा विरोध दर्ज कराया था।
ECI announces Special Summary Revision (SSR) of Electoral Rolls with 1.1.2027 as the qualifying date; final publication of electoral rolls on 4.1.2027. https://t.co/XrTAA4tUOm
— Arvind Gunasekar (@arvindgunasekar) October 15, 2026
स्पेशल समरी रिवीजन का मुख्य उद्देश्य और युवाओं पर फोकस
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार स्पेशल समरी रिवीजन का मूल मकसद मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। आयोग ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहली बार वोट देने वाले युवाओं, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों को सूची में जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता और पंजीकरण शिविर लगाए जाएं। नए नियमों के मुताबिक 1 जनवरी 2027 की कट-ऑफ तारीख के अतिरिक्त जो युवा 1 अप्रैल 2027, 1 जुलाई 2027 और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु सीमा में प्रवेश करने वाले हैं, वे भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकेंगे। जैसे ही वे निर्धारित तिमाही में 18 वर्ष के होंगे, उनका नाम स्वतः अंतिम मतदाता सूची में सक्रिय कर दिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है या हाल ही में संपन्न हुई है, उनके लिए समरी रिवीजन की अलग समय-सारिणी बाद में जारी की जाएगी।
यूपी और उत्तराखंड समेत 5 चुनावी राज्यों पर टिकी नजरें
मतदाता सूची के इस राष्ट्रव्यापी अपडेशन का सीधा और बड़ा असर वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे अहम चुनावी राज्यों में भी एसएसआर की पूरी प्रक्रिया को युद्धस्तर पर संचालित करने के सख्त आदेश दिए हैं। आंकड़ों के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का संवैधानिक कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा हो रहा है। इसके अतिरिक्त मणिपुर की 60 सीटों, गोवा की 40 सीटों, पंजाब की 117 सीटों और उत्तराखंड की 70 सीटों वाली विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 की विभिन्न तारीखों को समाप्त होने जा रहा है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और संबंधित चुनाव नियमों के तहत आयोग किसी भी राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से 6 महीने पहले कभी भी चुनाव की तिथियां घोषित कर सकता है, जिसके मद्देनजर यह रिवीजन बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
पोलिंग बूथों का पुनर्गठन और 2 किलोमीटर का दायरा तय
मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पोलिंग स्टेशनों की भौगोलिक समीक्षा के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग के मानक के मुताबिक अब किसी भी सामान्य मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं रखी जाएगी। यदि किसी बूथ पर वोटरों की तादाद 1,200 को पार करती है, तो वहां तत्काल प्रभाव से नया सहायक मतदान केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही मैदानी स्तर के चुनाव अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि किसी भी नागरिक को मतदान करने के लिए 2 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय न करनी पड़े। तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों, हाईराइज बहुमंजिला सोसायटियों, बड़ी आवासीय कॉलोनियों और घनी झुग्गी-झोपड़ियों के भीतर मतदाताओं को पैदल चलने की परेशानी से बचाने के लिए परिसर के भीतर ही नए पोलिंग बूथ स्थापित करने का व्यवहार्यता अध्ययन किया जा रहा है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट (Voter list update 2026) के लिए क्या आदेश दिया है?
उत्तर 1: चुनाव आयोग ने यूपी और एमपी सहित 17 राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (Special Summary Revision SSR) शुरू करने का निर्देश दिया है।
प्रश्न 2: यह SSR अभियान (Election Commission of India decisions) किन युवाओं के लिए फायदेमंद है?
उत्तर 2: जो युवा 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे Voter ID registration के लिए अग्रिम आवेदन कर सकेंगे।
प्रश्न 3: हाल ही में किस प्रक्रिया (SIR controversy India) को लेकर विवाद हुआ था?
उत्तर 3: इससे पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision SIR) के तहत देश भर से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, जिस पर भारी सियासी विवाद हुआ था।
प्रश्न 4: मतदाता सूची के इस अपडेशन का आगामी चुनावों (Upcoming assembly elections 2027) पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर 4: यह अपडेशन 2027 में होने वाले यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनावों (State elections prep) के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होगा।
प्रश्न 5: पोलिंग बूथों (Polling station rules ECI) को लेकर आयोग ने क्या नए नियम बनाए हैं?
उत्तर 5: अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही होंगे और किसी भी नागरिक को वोट डालने के लिए 2 किलोमीटर (Voting accessibility) से ज्यादा की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
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