एजेंसी, नई दिल्ली/मुंबई। Vijaya Mehta Death : भारतीय रंगमंच और प्रदर्शन कला जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों में शामिल प्रसिद्ध निर्देशक, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजया मेहता का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दक्षिण मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से वह बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही थीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही कला, साहित्य, सिनेमा और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर फैल गई। भारतीय रंगमंच को नई दिशा देने वाली इस हस्ती को देशभर में लोग सम्मान और आत्मीयता से ‘विजया बाई’ के नाम से भी जानते थे।
Deeply saddened by the passing of Smt. Vijaya Mehta Ji. She will be remembered as one of the towering personalities of culture and cinema.
A pioneer of modern Marathi theatre, she was known for her creativity and commitment to artistic excellence. Her work inspired generations…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2026
आधुनिक मराठी रंगमंच को नई पहचान देने वाली शख्सियत
विजया मेहता को आधुनिक मराठी रंगमंच की उन प्रमुख हस्तियों में गिना जाता है जिन्होंने मंचीय प्रस्तुतियों की शैली, अभिव्यक्ति और प्रस्तुतीकरण को नई सोच दी। उन्होंने पारंपरिक रंगमंच और आधुनिक प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा रचनात्मक वातावरण तैयार किया जिसने आने वाली पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया। उनके निर्देशन और कलात्मक दृष्टि ने भारतीय रंगमंच को नए आयाम प्रदान किए और मंचीय कला को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने योगदान को बताया प्रेरणादायक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजया मेहता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि भारतीय कला और संस्कृति जगत ने एक ऐसी हस्ती को खो दिया है जिसने अपनी रचनात्मकता और समर्पण से असंख्य लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक मराठी रंगमंच को नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार, प्रशंसकों और कला समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका कार्य आने वाले वर्षों तक कलाकारों और दर्शकों को प्रेरित करता रहेगा।
शबाना आजमी ने बताया दूरदर्शी कलाकार
अभिनेत्री शबाना आजमी ने विजया मेहता को याद करते हुए उन्हें ऐसे कलाकारों में शामिल बताया जिन्होंने केवल मंच पर काम नहीं किया बल्कि कला की सोच को भी बदला। उन्होंने कहा कि विजया मेहता ने अपने प्रयोगों, संवेदनशील दृष्टिकोण और रचनात्मक स्वतंत्रता के माध्यम से भारतीय रंगमंच को नया स्वरूप दिया। उनके अनुसार विजया मेहता की कला केवल अभिनय और निर्देशन तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें मानवीय भावनाओं और समाज की गहरी समझ दिखाई देती थी।
अनुपम खेर ने साझा किए अपने अनुभव
अभिनेता अनुपम खेर ने विजया मेहता के साथ बिताए अपने अनुभवों को याद करते हुए उन्हें भारतीय रंगमंच की सबसे प्रभावशाली प्रतिभाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करना केवल अभिनय करना नहीं बल्कि सीखने की एक निरंतर प्रक्रिया थी। उनके अनुसार विजया मेहता की कार्यशैली में अनुशासन, सादगी और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन था। हर रिहर्सल कलाकारों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी।
रंगमंच और सिनेमा में छोड़ी स्थायी विरासत
विजया मेहता ने अपने लंबे रचनात्मक सफर में अनेक यादगार नाटक और फिल्मों के माध्यम से भारतीय कला जगत को समृद्ध किया। उन्होंने ऐसे मंचीय प्रयोग किए जिन्होंने दर्शकों और कलाकारों दोनों की सोच को प्रभावित किया। रंगमंच के क्षेत्र में उनके प्रयासों ने नई प्रतिभाओं को अवसर दिए और मंच को अधिक जीवंत तथा समकालीन बनाने में योगदान दिया।
नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए बनीं प्रेरणा
विजया मेहता का प्रभाव केवल उनके समय तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने अनेक कलाकारों, निर्देशकों और रंगकर्मियों को तैयार किया। उनकी कार्यशैली, प्रयोगधर्मिता और कला के प्रति समर्पण ने नई पीढ़ी को अलग सोचने और रचनात्मक सीमाओं को विस्तार देने की प्रेरणा दी। भारतीय रंगमंच और सांस्कृतिक परंपरा में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा और उनका जाना कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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