एजेंसी, नई दिल्ली। Telegram App Unban : दुनिया की जानी-मानी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल ने भारत में अपने मशहूर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को दोबारा से प्ले स्टोर पर लाइव यानी बहाल कर दिया है। भारत सरकार द्वारा इस सोशल मीडिया ऐप पर लगाया गया बेहद कड़ा और अस्थायी प्रतिबंध बीती बाईस जून की आधी रात को पूरी तरह समाप्त हो गया, जिसके तुरंत बाद गूगल की तरफ से यह बड़ा कदम उठाया गया। हालांकि टेक कंपनी द्वारा आधिकारिक रूप से इसे पूरी तरह चालू करने से कुछ समय पहले ही यह ऐप उन यूज़र्स के फोन में काम करने लगा था जिनके पास यह पहले से डाउनलोड था। दूसरी तरफ एक और बड़ी टेक कंपनी एप्पल के ऐप स्टोर पर मंगलवार की सुबह तक यह प्लेटफॉर्म डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध नहीं दिखाई दिया, और इस पूरे मुद्दे पर कंपनी को भेजे गए किसी भी संदेश का तत्काल कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिल सका है।
Telegram becomes operational for some existing users but remains delisted on app stores.
Google restores Telegram on Playstore. pic.twitter.com/PzqZUfJzfI
— Press Trust of India (@PTI_News) June 23, 2026
चिकित्सा प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने से बचाने के लिए उठाया गया था सख्त कदम
देश में इस लोकप्रिय ऐप पर अचानक प्रतिबंध लगाने के पीछे एक बहुत बड़ी वजह थी। असल में केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र को किसी भी तरह से लीक होने से बचाने के लिए यह सख्त फैसला लिया था। सरकार की तरफ से गूगल और एप्पल दोनों ही बड़ी कंपनियों को साफ निर्देश दिए गए थे कि वे बाईस जून तक टेलीग्राम को अपने प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटा दें। यह बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए द्वारा देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित कराई जाती है। इससे पहले बीते तीन मई को आयोजित की गई मुख्य परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों और भारी विवाद के बाद पूरी तरह निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद इक्कीस जून को दोबारा से इस परीक्षा का आयोजन किया गया। राहत की बात यह रही कि इस बार की पुनर्परीक्षा में अभी तक कहीं से भी किसी तरह की गड़बड़ी या नकल की कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है।
डिजिटल सबूतों को मिटने से रोकने के लिए मैसेज एडिटिंग सर्विस पर तीस जून तक पाबंदी
परीक्षा के शांतिपूर्ण समापन के बाद भी सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रही है। एक अन्य महत्वपूर्ण सरकारी आदेश के मुताबिक टेलीग्राम मैनेजमेंट से कहा गया है कि वह आगामी तीस जून तक पूरे भारत के भीतर अपने यूज़र्स के लिए पहले से भेजे जा चुके मैसेजेस को बदलने यानी एडिट करने वाले फीचर को पूरी तरह से ब्लॉक रखे। इस रोक के पीछे सरकार का मुख्य मकसद यह है कि अगर किसी ने परीक्षा से जुड़ा कोई भी गोपनीय पेपर या सामग्री ऐप पर शेयर की हो, तो वह बाद में उसे बदलकर सबूतों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न कर सके। इस कड़े सुरक्षा नियम को जमीन पर लागू करने से पहले बीते तीन जून को देश के कई बड़े सरकारी अधिकारियों ने टेलीग्राम के उच्च प्रतिनिधियों के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की थी, जिसमें सुरक्षा और साक्ष्यों को लेकर अपनी तमाम बड़ी चिंताओं को उनके सामने विस्तार से रखा गया था।
टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल ड्यूरोव ने भारतीय आईटी मंत्रालय पर साधा निशाना
इस पूरे प्रतिबंध के विवाद के बीच टेलीग्राम के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी सीईओ पावेल ड्यूरोव का एक बेहद तीखा बयान सामने आया है, जिसने इस मामले को और गरमा दिया है। ड्यूरोव ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी आईटी मिनिस्ट्री द्वारा ऐप पर एक हफ्ते के लिए लगाए गए इस बैन की बहुत कड़े शब्दों में निंदा की है। टेलीग्राम प्रमुख का साफ कहना है कि इस तरह के अस्थायी प्रतिबंधों से किसी भी परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक होने से कतई नहीं रोका जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय बाजार को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप भी मढ़ दिया है। ड्यूरोव का दावा है कि भारत के बड़े बिजनेस घराने रिलायंस समूह ने प्रतिद्वंदी ऐप व्हाट्सऐप के साथ मिलकर भारत सरकार के भीतर टेलीग्राम पर यह पाबंदी लगवाने के लिए बहुत बड़ी पैरवी यानी लॉबिंग की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सऐप की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक बड़ी आंशिक हिस्सेदारी है, जिसके कारण टेलीग्राम प्रमुख ने इस व्यावसायिक साठगांठ का अंदेशा जताया है।
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