Sonam Wangchuk

नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन जारी, 20 जुलाई को संसद मार्च का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, दिल्ली। Sonam Wangchuk Jantar Mantar Anshan : देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर चल रहा एक बहुत ही बड़ा आंदोलन अब और भी आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। मशहूर पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने तमाम राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक संगठनों और लाखों समर्थकों की भावुक अपीलों के बावजूद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। उन्होंने बहुत ही कड़े शब्दों में कहा है कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर जब तक केंद्र सरकार की तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया या सकारात्मक कदम सामने नहीं आता, तब तक वह अपना अनशन किसी भी हाल में नहीं तोड़ेंगे। वांगचुक का मानना है कि बिना किसी परिणाम के आंदोलन वापस लेने से व्यवस्था को बहुत ही गलत संदेश जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक विरोध की ताकत कमजोर पड़ जाएगी।

वीडियो संदेश के जरिए समर्थकों को दिया कड़ा संदेश और उठाए गंभीर सवाल

सोनम वांगचुक ने बुधवार की देर रात एक भावुक और विचारोत्तेजक वीडियो संदेश जारी करके अपने समर्थकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें देश-विदेश से हजारों ऐसे संदेश मिल रहे हैं जिसमें लोग उनकी सेहत की चिंता करते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं। यहां तक कि कुछ समर्थकों ने उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की कोशिश भी की ताकि कानूनी आदेश के तहत उन्हें खाना खिलाया जा सके। इस पर अपनी स्थिति साफ करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह सरकार के बिना किसी ठोस कदम के कुछ खा-पी लेते हैं, तो इससे क्या बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सरकार को यही संदेश जाएगा कि वह देश की जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है और प्रदर्शनकारी एक न एक दिन खुद ही थक-हारकर वापस लौट जाते हैं।

आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने का पुरजोर आह्वान

अपने आंदोलन को देशव्यापी और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोनम वांगचुक ने आगामी 20 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले संसद मार्च में देश की जनता से बहुत ही बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस मार्च का आयोजन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी कॉजपा नामक संगठन की तरफ से किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के युवा छात्रों को इस मार्च का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि वे किताबी ज्ञान से अलग राजनीति विज्ञान और सच्चे लोकतंत्र का वास्तविक पाठ व्यावहारिक रूप से सीख सकें। इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों और देश के नागरिकों से आंदोलन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या विशेष मिस्ड कॉल सुविधा का उपयोग करके इस महत्वपूर्ण संसद मार्च के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है।

डॉक्टरों ने जारी किया नया हेल्थ बुलेटिन और वजन में गिरावट पर जताई चिंता

जंतर-मंतर पर लगातार 19 दिनों से चल रही इस कड़े उपवास के कारण सोनम वांगचुक के शरीर पर इसका गंभीर असर दिखने लगा है। डॉक्टरों की एक वरिष्ठ टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है। वरिष्ठ जनरल फिजिशियन डॉ सतीश लांबा की देखरेख में जारी किए गए ताजा मेडिकल हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल की शुरुआत से लेकर अब तक वांगचुक का कुल वजन 9 किलोग्राम से भी ज्यादा कम हो चुका है। वजन में आई इस भारी गिरावट के बाद भी डॉक्टरों का कहना है कि उनकी शारीरिक स्थिति फिलहाल पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है। उनके शरीर में पानी की मात्रा का स्तर बिल्कुल सही है और सबसे अच्छी बात यह है कि वह मानसिक रूप से भी पूरी तरह सक्रिय और सचेत दिखाई दे रहे हैं।

मेडिकल रिपोर्ट में ब्लड शुगर और पल्स रेट पूरी तरह सामान्य

ताजा चिकित्सकीय जांच के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़े कई राहत देने वाले आंकड़े भी सामने आए हैं। डॉक्टरों द्वारा की गई जांच के मुताबिक, इस समय उनका ब्लड शुगर लेवल 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज किया गया है, जो इतने दिनों के उपवास के बाद भी सामान्य माना जाता है। इसके अलावा उनकी पल्स रेट भी 72 बीट प्रति मिनट रिकॉर्ड की गई है। ब्लड प्रेशर की बात करें तो लेटे हुए उनका रक्तचाप 105/61 एमएमएचजी और बैठी हुई मुद्रा में 101/65 एमएमएचजी पाया गया है। खुद वांगचुक ने भी अपनी सेहत को लेकर कहा कि ईसीजी समेत उनके शरीर के सभी अंदरूनी अंगों की रिपोर्ट सामान्य आई है। हालांकि मांसपेशियों में कमजोरी जरूर महसूस हो रही है, लेकिन उनका शरीर अभी कुछ और दिनों तक इस अनशन को झेलने के लिए सक्षम है।

नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा आंदोलन

यह पूरा आंदोलन देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट में हुई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और व्यापक गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। सोनम वांगचुक इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में 28 जून 2026 को शामिल हुए थे, जिसके तुरंत बाद उन्होंने छात्रों के न्याय के लिए अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी थी। दूसरी तरफ, कॉजपा संगठन द्वारा दिल्ली में नीट घोटाले के खिलाफ 6 जून 2026 से ही लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है, जो 20 जून 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया था। आज इस कड़े विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन पूरा हो चुका है और छात्रों के हक की यह लड़ाई दिल्ली की सड़कों पर बहुत ही मजबूती से आगे बढ़ रही है।

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