एजेंसी, रांची। Ranchi JPSC JSSC Protest : झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा स्याही फेंकने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कुछ समय के लिए भारी अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। अब तक गैर-राजनीतिक रहे इस छात्र आंदोलन में वामपंथी संगठन की नेता की उपस्थिति दर्ज होते ही वहां मौजूद अभ्यर्थियों में रोष फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप यह घटनाक्रम घटित हुआ।
For those who wanted a closer view of how ink was thrown at AISA’s fraud Neha Bora, here’s the video.
The ink was thrown straight at her face 😂👇 pic.twitter.com/hZcrkHRDZo
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) August 7, 2026
राजनीतिक हस्तक्षेप से भड़के अभ्यर्थी, मौके पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र एकत्र थे। इसी दौरान जैसे ही आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा वहां पहुंचीं, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके प्रवेश का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। नारेबाजी के बीच भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अचानक उन पर स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और आयोजकों ने स्थिति को संभाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं।
हमले के बाद छात्र नेता ने जताया कड़ा ऐतराज, दिया चुनौती भरा बयान
घटना के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि दमनकारी नीतियों से छात्रों के अधिकारों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान भी आंसू गैस, लाठीचार्ज और बल प्रयोग का सामना करने के बाद भी युवा पीछे नहीं हटे थे, तो ऐसे में स्याही फेंकने जैसी कृत्यों से आंदोलन को प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के कृत्यों के पीछे वे लोग शामिल हैं जो स्वयं को छात्रों का हितैषी बताते हैं लेकिन नफरत की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं।
जंतर-मंतर पर 23 दिनों की भूख हड़ताल से राष्ट्रीय पटल पर आई थीं नेहा बोरा
उल्लेखनीय है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में 23 दिनों तक अनवरत भूख हड़ताल करने के बाद वे देशव्यापी स्तर पर चर्चा में आई थीं। वे लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक सुधारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: रांची में प्रतियोगी परीक्षा विवाद के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना क्यों हुई?
उत्तर: गैर-राजनीतिक चल रहे इस छात्र आंदोलन में वामपंथी छात्र संगठन की नेता की एंट्री से स्थानीय अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए और उन्होंने राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध करते हुए यह कदम उठाया।
प्रश्न 2: नेहा बोरा कौन हैं और वे किस छात्र संगठन का प्रतिनिधित्व करती हैं?
उत्तर: नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जेएनयू से पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं।
प्रश्न 3: स्याही फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा बोरा ने क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि आंसू गैस, लाठियों और गोलियों से न डरने वाले छात्र स्याही फेंकने जैसी हरकतों से नहीं डरेंगे और छात्रों का यह आंदोलन नफरत की राजनीति की जड़ें हिला देगा।
प्रश्न 4: नेहा बोरा को राष्ट्रीय स्तर पर छात्र राजनीति में पहचान किस आंदोलन से मिली थी?
उत्तर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ लगातार 23 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद वे देश भर में चर्चा में आई थीं।
प्रश्न 5: रांची में छात्र मुख्य रूप से किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।
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