JPSC Scam

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती विवाद : सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच आज वार्ता, आउटसोर्स एजेंसी का लेखाकार गिरफ्तार

झारखंड देश/प्रदेश

एजेंसी, रांची। JPSC Recruitment Scam : झारखंड में लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जिसे छात्रों ने स्वीकार कर लिया है। सरकार के साथ बैठक के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया गया है, जिसमें 8 छात्र प्रतिनिधि, 2 पत्रकार और 1 वकील शामिल हैं। वार्ता के दौरान केवल छात्र ही अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे। इस बीच, धांधली की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम ने परीक्षा संचालित करने वाली आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल के लेखाकार समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

मुख्यमंत्री से सीधे वार्ता की शर्त, 4 मंत्रियों की समिति गठित

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि अनुमंडलीय अधिकारी (एसडीओ) द्वारा लाए गए सरकार के प्रस्ताव पर वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मुख्य शर्त यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस बैठक में उपस्थित रहें। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए 4 वरिष्ठ मंत्रियों की एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है। दूसरी तरफ, मांगों को लेकर अनशन पर बैठे छात्र नेताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेडिकल टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है, वहीं उन्हें प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है।

आउटसोर्स एजेंसी के ठिकानों पर सीआईडी की छापेमारी, 5 और गिरफ्तार

भर्ती परीक्षा में हुई कथित धांधली की परतें खोलने में जुटी सीआईडी की विशेष टीम ने बुधवार रात रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान परीक्षा का संचालन करने वाली आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के लेखाकार रक्षक सिंह समेत 5 अन्य आरोपियों को धर दबोचा गया। जांच एजेंसियों द्वारा अब तक इस पूरे प्रकरण में 19 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि, अनशनकारी छात्र नेता पूरे मामले की निष्पक्षता जांचने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।

जानिए क्या है पूरा जेपीएससी परीक्षा परिणाम विवाद

विवाद की शुरुआत 2 जुलाई को हुई जब झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें 2204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। परिणाम जारी होने के तुरंत बाद कट-ऑफ अंक सार्वजनिक न करने और बिना हस्ताक्षर के परिणाम अपलोड करने पर सवाल खड़े हुए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक ओएमआर शीट वायरल हुई, जिसमें केवल 48 प्रश्न हल करने वाले अभ्यर्थी का भी चयन होने का दावा किया गया। चौतरफा बढ़ते जनआक्रोश और अभ्यर्थियों के कड़े विरोध को देखते हुए आयोग को 18 से 20 जुलाई के बीच प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद से छात्र पारदर्शी जांच की मांग को लेकर 25 जुलाई से लगातार सड़कों पर आंदोलनरत हैं।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी की मुख्य परीक्षा रद्द करने, पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित कराने और पूरे मामले की सीबीआई या ईडी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: सरकार और छात्रों के बीच होने वाली वार्ता के लिए राज्य सरकार ने क्या कदम उठाया है?

उत्तर: गतिरोध को तोड़ने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री ने 4 वरिष्ठ मंत्रियों की एक विशेष समिति का गठन किया है जो छात्रों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधी वार्ता करेगी।

प्रश्न 3: परीक्षा में धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने किस आउटसोर्स एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की है?

उत्तर: सीआईडी ने परीक्षा का संचालन करने वाली आउटसोर्स कंपनी ‘टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल)’ के ठिकानों पर छापेमारी कर उसके लेखाकार समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रश्न 4: गिरफ्तार किए गए लेखाकार और एजेंसी पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगे हैं?

उत्तर: एजेंसी पर आरोप है कि उसने ओएमआर (OMR) शीट में हेरफेर किया, कट-ऑफ अंक छिपाए और पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए पास कर दिया।

प्रश्न 5: क्या इस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं छात्रों से मुलाकात करेंगे?

उत्तर: छात्रों ने वार्ता के लिए यह कड़ी शर्त रखी थी कि मुख्यमंत्री स्वयं बैठक में मौजूद रहें, जिसे लेकर प्रशासन और मंत्रियों की समिति अंतिम रूपरेखा तैयार कर रही है।

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