एजेंसी, अयोध्या। Ram Mandir Staff Resign : श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे की गिनती का काम करने वाले 23 कर्मचारियों ने अचानक एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। राम मंदिर में हाल ही में सामने आए दान चोरी के एक बड़े विवाद के बाद मंदिर प्रशासन द्वारा प्रबंधन में कई कड़े बदलाव किए गए थे, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने यह बड़ा कदम उठाया। इन कर्मियों का आरोप है कि नए नियमों के तहत उनकी दैनिक कार्य अवधि (ड्यूटी टाइम) को 6 घंटे से बढ़ाकर सीधा 9 घंटे कर दिया गया है। कार्य का बोझ बढ़ाए जाने और कार्यप्रणाली में एकतरफा बदलाव किए जाने के कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी थी, जिसके बाद उन्होंने बुधवार को सामूहिक रूप से अपने सेवा पत्र सौंप दिए।
Ram Mandir has introduced stringent new rules to overhaul cash handling system, including pocketless clothes, enhanced security protocols, police verification etc.
Housekeeping staff barred from cash handling.
In protest, 23 employees have resigned.https://t.co/xqKs4DaxQU
— OpIndia.com (@OpIndia_com) July 10, 2026
प्रबंधन के नए फैसलों का कर्मियों ने किया कड़ा विरोध
मीडिया से प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, दान चोरी की घटना के बाद मंदिर प्रबंधन ने पूर्व में चल रही 2 अलग-अलग शिफ्ट की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था। नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की रकम को गिनने का पूरा काम अब केवल 1 ही शिफ्ट में समेट दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी के घंटे बढ़ाए जाने के बावजूद उनके मासिक पारिश्रमिक (सैलरी) में बड़ी कटौती कर दी गई है। इस गंभीर आर्थिक और मानसिक दबाव के विरोध में सभी कर्मचारियों ने बुधवार को एक साझा बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर मंदिर के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी गई थीं, लेकिन प्रबंधन द्वारा उनकी मांगों को सिरे से खारिज किए जाने के बाद 23 कर्मियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।
महज 13 कर्मियों के भरोसे बची गिनती, ट्रस्ट के सामने खड़ी हुई बड़ी मुसीबत
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की वजह से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संबंधित बैंक और मैनपावर मुहैया कराने वाली सुरक्षा एजेंसी के सामने एक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया है। इस सामूहिक इस्तीफे के अगले ही दिन महज 13 कर्मचारी ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती के काम के लिए ड्यूटी पर उपस्थित हो सके। इतनी कम संख्या में कर्मियों की मौजूदगी के कारण प्रतिदिन आने वाले लाखों रुपये के चढ़ावे को संभालने और उसकी सटीक गणना करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मंदिर प्रशासन के लिए इतने कम समय में नई नियुक्तियां करना और पूरी तरह से भरोसेमंद स्टाफ तलाशना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।
छुट्टियों में कटौती और वेतन विसंगतियों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
इस्तीफा देने वाले एक पीड़ित कर्मचारी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि पूर्व में सभी कर्मियों को समान रूप से प्रति माह 14755 रुपये का निश्चित वेतन दिया जाता था। परंतु नए नियमों के लागू होने के बाद पारिश्रमिक को न केवल कम कर दिया गया, बल्कि सभी को अलग-अलग वेतन देने की विसंगतिपूर्ण व्यवस्था भी लागू कर दी गई। इसके अलावा कर्मचारियों को मिलने वाली साप्ताहिक और मासिक छुट्टियों की संख्या में भी भारी कटौती कर दी गई। कर्मचारी ने जानकारी दी कि बुधवार को उन सभी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की तुलसी उद्यान शाखा के अधिकारियों, राम मंदिर के प्रशासनिक अमले और सैनिक सिक्योरिटी के मुख्य सुपरवाइजर जयराम यादव से मुलाकात कर इन अनुचित बदलावों की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी एक भी मांग पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया।
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