एजेंसी, नई दिल्ली। Raghav Chadha BJP : देश की राजनीति में हाल ही में एक बड़ा उलटफेर करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) का दामन छोड़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को संसद के उच्च सदन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की बेहद प्रतिष्ठित ‘याचिका समिति’ (कमेटी ऑन पिटीशंस) का नए सिरे से पुनर्गठन किया है, जिसके बाद उन्होंने राघव चड्ढा को इस नवगठित समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। सभापति ने इस विशेष समिति के सुचारू संचालन और कामकाज के लिए सदन के 10 प्रमुख और वरिष्ठ सांसदों को इसके सदस्य के रूप में नामित किया है। संसद के उच्च सदन में राघव चड्ढा के बढ़ते राजनीतिक कद और उनकी भूमिका को लेकर इस नई नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।
Rajya Sabha MP Raghav Chadha appointed as the Chairman of the Committee on Petitions of the Rajya Sabha pic.twitter.com/Nl35BFBSSH
— ANI (@ANI) May 23, 2026
20 मई से प्रभावी हुआ समिति का नया पुनर्गठन
राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राघव चड्ढा को तत्काल प्रभाव से याचिका समिति की कमान सौंप दी गई है। अधिसूचना में इस बात का साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि राज्यसभा के सभापति द्वारा समिति के पुनर्गठन का यह नया आदेश बीते 20 मई से पूरे देश में प्रभावी हो चुका है। इस हाई-प्रोफाइल समिति में अध्यक्ष राघव चड्ढा के साथ देश के अलग-अलग राज्यों और राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई अन्य वरिष्ठ सांसदों को भी शामिल किया गया है। इन नए सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी. के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं, जो अब राघव चड्ढा की अध्यक्षता में इस समिति के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक समिति में भी नए नामांकन
याचिका समिति के गठन के साथ-साथ संसद की अन्य महत्वपूर्ण विधायी समितियों में भी कुछ प्रमुख बदलाव और नए नामांकन किए गए हैं। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी की गई एक अन्य आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, सदन के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा की प्रतिष्ठित महिला सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को भी एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें ‘कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026’ से संबंधित संसद की संयुक्त समिति (ज्वाइंट कमेटी) का नया सदस्य मनोनीत किया गया है। यह समिति देश के कॉर्पोरेट और व्यापारिक कानूनों में होने वाले आगामी संशोधनों की समीक्षा करने और उन पर अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगी।
लोकसभा की तरफ से भी जारी हुआ नया आदेश
संसद के ऊपरी सदन के साथ-साथ निचले सदन यानी लोकसभा में भी कॉरपोरेट कानूनों से जुड़ी इसी संयुक्त समिति को लेकर कूटनीतिक और विधायी हलचल तेज रही। लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी की गई एक अलग और स्वतंत्र अधिसूचना में बताया गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने वरिष्ठ सांसद अरविंद गणपत सावंत को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली इसी संयुक्त समिति में सदस्य के रूप में नामित किया है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा लिया गया यह महत्वपूर्ण निर्णय 21 मई से पूरी तरह से प्रभावी माना जाएगा। संसद के दोनों ही सदनों में किए गए इन नए बदलावों और नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य देश की विधायी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, मजबूत और जवाबदेह बनाना है, ताकि आगामी सत्रों में विधेयकों पर गहनता से चर्चा पूरी की जा सके।
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