एजेंसी, पुणे। Pune Murder Case : महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी पटकथा जैसा मर्डर केस सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता को हैरान कर दिया है। पुणे के एक जाने-माने युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। शुरुआत में जिसे महज एक हादसा समझा जा रहा था, वह असल में बहुत ही ठंडे दिमाग से रची गई हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए दो हजार से ज्यादा मोबाइल फोन कॉल के रिकॉर्ड, रेस्तरां की गुप्त मुलाकातों और लोहगढ़ किले के दुर्गम रास्तों से मिले सुरागों को खंगाला है। इस गहन तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके बेहद करीबी दोस्त चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।
लोहगढ़ किले के सफर के दौरान उपजा था कत्ल का खौफनाक विचार
पुणे ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ जांचकर्ताओं के अनुसार, छब्बीस वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या की यह कथित साजिश बीती इकतीस मई को लोहगढ़ किले की एक ट्रेकिंग यात्रा के दौरान शुरू हुई थी। पुलिस के मुताबिक उस दिन केतन और मुख्य आरोपी युवती सिया गोयल एक साथ घूमने के लिए ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर गए थे। वहां घूमने के दौरान सिया ने जब केतन को किले के एक बेहद खतरनाक और गहरे किनारे पर बैठे हुए देखा, तो उसके दिमाग में केतन को रास्ते से हटाने का विचार आया। जांच दल का दावा है कि इस विचार के बाद चौदह जून को भी सिया ने कथित तौर पर केतन को किले की ऊंचाई से नीचे धकेलने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय वह अपनी इस खतरनाक योजना में सफल नहीं हो सकी थी।
कॉफी हाउस में बैठकर तैयार हुआ था मौत का पूरा खाका
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस नाकाम कोशिश के बाद सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने शहर के एक नामचीन कॉफी हाउस में बैठकर केतन को ठिकाने लगाने की पूरी रणनीति तैयार की थी। पुलिस को तकनीकी जांच में पता चला है कि पिछले कुछ महीनों के भीतर इन दोनों आरोपियों के बीच दो हजार से भी ज्यादा बार फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। घटना को अंजाम देने से ठीक पहले भी सिया और चेतन एक रेस्तरां में मिले थे, जहां उन्होंने किले के नक्शे और उन संभावित सुनसान जगहों की पहचान की थी, जहां से केतन को आसानी से गहरी खाई में धक्का दिया जा सके और किसी को शक भी न हो।
विवाह के बंधन से बचने और पारिवारिक दबाव के कारण रची गई साजिश
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस जघन्य हत्याकांड के पीछे शादी को लेकर चल रहा गहरा विवाद मुख्य वजह बनकर सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल का रिश्ता केतन अग्रवाल के साथ तय हो चुका था, लेकिन वह केतन से शादी करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थी। सिया और चेतन चौधरी की पहली मुलाकात पिछले साल एक दिवाली की दावत के दौरान हुई थी, जिसके बाद दोनों की नजदीकियां काफी बढ़ गई थीं। परिवार के अत्यधिक दबाव के बावजूद सिया इस शादी को टालना चाहती थी और अपने लिए कुछ और समय की मांग कर रही थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि सिया अपने दोस्त चेतन के बहुत करीब आ चुकी थी, लेकिन वह उससे भी तुरंत शादी के लिए तैयार नहीं थी। पुलिस को अंदेशा है कि सिया चेतन के साथ अपने संबंधों को कायम रखते हुए केतन को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाना चाहती थी।
पीड़ित पिता का छलका दर्द, कहा शादी से मना कर देती तो टूट जाता रिश्ता
इस दर्दनाक हादसे और धोखे से पूरी तरह टूट चुके केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस दिन यह वारदात हुई, उस दिन सिया अपने इसी दोस्त चेतन चौधरी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर लोहगढ़ किला पहुंची थी। पिता का आरोप है कि चेतन और सिया ने पहले से तय योजना के मुताबिक पहले केतन पर किसी भारी वस्तु से पीछे से हमला किया, जिससे वह संभल नहीं पाया और फिर उसे गहरी खाई में ढकेल दिया। दुखी पिता ने कहा कि अगर सिया को उनके बेटे से शादी नहीं करनी थी, तो वह साफ तौर पर इसके लिए मना कर सकती थी, उनका परिवार बिना किसी विवाद या हंगामे के इस रिश्ते को खुद ही खत्म कर देता, इसके लिए उनके मासूम बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी।
कैमरे की नजर और फोन के रिकॉर्ड ने खोल दी झूठी कहानी की पोल
गौरतलब है कि बीती अठारह जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की गिरकर मौत हो गई थी, जिसे शुरुआत में पुलिस ने एक सामान्य दुर्घटना मानकर मामला दर्ज किया था। उस वक्त मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को गुमराह करते हुए मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी कि तस्वीरें लेते समय अचानक केतन का पैर फिसल गया और वह संतुलन खोने के कारण सीधे खाई में जा गिरा। परंतु जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो कड़ियों से कड़ियां जुड़ती चली गईं। किले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक संदिग्ध युवक हुडी और शॉर्ट्स पहने इस जोड़े का पीछा करता हुआ दिखाई दिया, जिसकी शिनाख्त बाद में चेतन चौधरी के रूप में हुई। इसके बाद जब दोनों के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो उनके बीच हुई दो हजार से अधिक कॉल्स ने इस पूरी झूठी कहानी की पोल खोलकर रख दी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया।
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