Monsoon Update

मानसून ने बदली देश की चाल : मध्य प्रदेश-गुजरात में नौ दिन की देरी से एंट्री, मुंबई में मूसलाधार आफत से जनजीवन बेपटरी

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, भोपाल। Monsoon Update : देश के कई हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हुए दक्षिण पश्चिम मानसून आखिरकार मध्य प्रदेश और गुजरात के राज्यों में दाखिल हो गया है। हालांकि, इस बार इन दोनों ही राज्यों में मानसून की आमद अपने तय समय से करीब नौ दिन की देरी से हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आमतौर पर इन राज्यों में पंद्रह जून तक मानसूनी हवाएं दस्तक दे देती हैं, लेकिन इस बार बुधवार को इसकी शुरुआत हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि मानसूनी हवाएं अगले चार दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश को अपने आगोश में ले लेंगी। इस नई प्रगति के साथ ही मानसून अब तक देश के कुल बाईस राज्यों को पूरी तरह से कवर कर चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि पांच जुलाई तक देश के बाकी बचे हिस्सों में भी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

मायानगरी मुंबई में बादलों का डेरा, भारी बारिश से सड़कें और रेल ट्रैक जलमग्न

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी इस साल मानसून निर्धारित समय से लगभग तेरह दिन की देरी से पहुंचा है। मंगलवार को हुई इस एंट्री के बाद से ही मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। आंकड़ों के अनुसार, मलवणी फायर स्टेशन के पास तीन सौ चौंतीस मिलीमीटर और एक अन्य वार्ड में तीन सौ अठाइस मिलीमीटर के करीब भारी वर्षा दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश की वजह से अंधेरी सब-वे पूरी तरह पानी में डूब गया, जिसे एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करना पड़ा। इसके अलावा विक्रोली वेस्ट इलाके में एक आवासीय इमारत के नजदीक सुरक्षा दीवार ढह गई। शहर के कई प्रमुख इलाकों में तेज हवाओं के कारण विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर खड़ी गाड़ियों पर गिर गए, जिससे वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। रेल पटरियों पर पानी भरने से लोकल ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का संकट, अरुणाचल प्रदेश में बहे कई आशियाने

एक तरफ जहां मध्य भारत में मानसून की शुरुआत हुई है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा रखी है। कीयी पन्योर जिले के याजाली क्षेत्र में स्थित नीपको परियोजना कॉलोनी में अचानक भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण तीन लोग अचानक लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है। बाढ़ के तेज बहाव की वजह से अठारह से ज्यादा घरों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई निचले रिहायशी इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। इसके साथ ही भूस्खलन होने से पहाड़ों का मलबा मुख्य सड़कों पर आ गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।

उत्तर भारत के छह राज्यों में प्री-मानसून की फुहारें, बिहार में आकाशीय बिजली का कहर

देश के छह अन्य प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और देश की राजधानी दिल्ली में इस समय मानसून के आने से पहले की बारिश यानी प्री-मानसून का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ते हुए तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ नए हिस्सों में फैल गया है। अगले दो से तीन दिनों के भीतर इसके उत्तर प्रदेश में भी प्रवेश करने की पूरी संभावना बनी हुई है। इस बीच, बीते कल बिहार के विभिन्न जिलों में तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में ग्यारह लोगों की असमय मौत हो गई, जिससे वहां मातम का माहौल है।

देश के सात राज्यों में अब भी तीखे तेवर, पारा चालीस डिग्री के पार

भले ही देश के आधे से अधिक हिस्से में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत के सात राज्यों में अब भी भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को भी तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। देश का सबसे गर्म इलाका उत्तर प्रदेश का बांदा रहा, जहां अधिकतम तापमान तैंतालीस दशमलव तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा बिहार के बोधगया, झारखंड के डाल्टनगंज, गुजरात के राजकोट और मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल खजुराहो में भी पारा चालीस डिग्री से ऊपर बने रहने के कारण लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहे।

आगामी दो दिनों के लिए मौसम विभाग का विशेष पूर्वानुमान और चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी पच्चीस और छब्बीस जून के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही सिक्किम, कोंकण-गोवा, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी बहुत तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके विपरीत, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में मानसून की सुस्ती के कारण अगले दो से तीन दिनों तक लू यानी हीटवेव का असर बने रहने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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