एजेंसी, दिल्ली। Indian Passport : भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की तरफ से भारतीय नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और अधिक सुगम व सरल बनाने को लेकर कई ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की गई है। अब भारतीय पासपोर्ट रखने वाले यात्रियों को दुनिया के सत्ताइस देशों में बिना किसी वीजा के सीधे प्रवेश यानी वीजा फ्री एंट्री की शानदार सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही देश की आंतरिक पासपोर्ट वितरण प्रणाली में भी अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक के भीतर देशभर में पासपोर्ट बनाने वाले मुख्य केंद्रों की तादाद में लगभग छह गुना का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। जहां करीब दस साल पहले पूरे देश में महज सतहत्तर पासपोर्ट कार्यालय संचालित हो रहे थे, वहीं अब आम जनता की सहूलियत के लिए इनकी संख्या को बढ़ाकर पांच सौ पैंतालीस कर दिया गया है।
Regional Passport Offices (RPOs) and Missions abroad delivered 1.5 crore passports and related services to Indian nationals in 2025. @MEAIndia informed that there has been a huge increase in Passport Seva Kendras (PSKs) and Post Office Passport Seva Kendras (POPSKs), with 545… pic.twitter.com/mMdGvDQt3c
— All India Radio News (@airnewsalerts) June 24, 2026
एक साल के भीतर रिकॉर्ड संख्या में जारी किए गए नए पासपोर्ट
चौदहवें राष्ट्रीय पासपोर्ट सेवा दिवस के विशेष अवसर पर केंद्र सरकार ने अपनी महत्वपूर्ण डिजिटल उपलब्धियों और सेवाओं के विस्तार का पूरा ब्यौरा देश के सामने रखा है। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अकेले साल दो हजार पच्चीस के दौरान देश-विदेश में रह रहे नागरिकों को कुल डेढ़ करोड़ से अधिक पासपोर्ट और उससे संबंधित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की गईं। इस कुल आंकड़े में से केवल नए और नवीनीकृत पासपोर्ट जारी करने की संख्या ही करीब एक करोड़ उनतालीस लाख रही, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। प्रशासन का कहना है कि वे इस पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और आम लोगों के अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
मात्र पैंतालीस मिनट के भीतर पूरी होगी कार्यालय की प्रक्रिया
विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब पासपोर्ट बनवाने की पूरी कागजी और तकनीकी प्रक्रिया को पहले की तुलना में बेहद आसान और चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है। यदि पुलिस द्वारा किए जाने वाले पते के सत्यापन यानी पुलिस वेरिफिकेशन के समय को अलग रख दिया जाए, तो कार्यालय स्तर पर पासपोर्ट से जुड़े तमाम कार्यों को निपटाने में अब औसतन महज छह दिनों का ही समय लग रहा है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में क्रियाशील मुख्य पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आने वाले आवेदकों का काम अब पैंतालीस मिनट से भी कम समय में पूरा हो जाता है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने पिछले वर्ष दस नए डाकघर पासपोर्ट केंद्र खोले थे और इस चालू वर्ष में भी दस और नए केंद्र खोलने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
वैश्विक स्तर पर भारतीय नागरिकों के लिए बढ़े यात्रा के विकल्प
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख के चलते विदेशों की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों के लिए वीजा के नियमों में बड़ी राहत मिली है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में सत्ताइस देश भारतीयों को अपने यहां बिना वीजा के आने की अनुमति दे रहे हैं, जबकि साल दो हजार उन्नीस में ऐसे देशों की संख्या केवल सोलह ही थी। इसके अतिरिक्त दुनिया के सैंतालीस देश ऐसे हैं जो भारतीय नागरिकों को अपने हवाई अड्डों पर पहुंचते ही तुरंत वीजा यानी वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ दुनिया के छियासठ देशों ने भारतीयों के लिए घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से मिलने वाले ई-वीजा की आधुनिक व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया है, जिससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
डिजिटल क्षेत्र में नए और उन्नत पासपोर्ट कार्यक्रमों की हुई शुरुआत
इस विशेष अवसर पर देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पासपोर्ट विभाग के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए सरकार की डिजिटल उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि यह दिन ऐतिहासिक पासपोर्ट अधिनियम 1967 की वर्षगांठ की याद दिलाता है और यह भारत की आधुनिक व सुदृढ़ पासपोर्ट यात्रा का एक बड़ा प्रतीक है। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने दो बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत देश के भीतर आंतरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेडेड पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम संस्करण दो और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों व उच्चायोगों के लिए ग्लोबल पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम संस्करण दो को पूरी तरह से धरातल पर उतार दिया गया है।
उन्नत चिप आधारित तकनीक से सुरक्षित होगा नया ई-पासपोर्ट
सुरक्षा के मोर्चे पर एक और बड़ी उपलब्धि की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार ने अब आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक चिप से लैस ई-पासपोर्ट बनाने की शुरुआत भी कर दी है। इन नए पासपोर्टों को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसके भीतर यात्री की डिजिटल पहचान और सुरक्षा के बेहद कड़े फीचर्स मौजूद रहेंगे, जिससे जालसाजी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही मंत्रालय ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी बात को भी साफ किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से केवल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक पहचान दस्तावेज है, इसे किसी भी स्थिति में भारत की नागरिकता का अंतिम या एकमात्र प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
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