एजेंसी, नई दिल्ली। Praggnanandhaa Wins : भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत ही गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। भारत के युवा और बेहद प्रतिभाशाली ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद रमेशबाबू ने दुनिया के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित बौद्धिक मुकाबलों में से एक नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता 2026 का मुख्य खिताब अपने नाम कर लिया है। इस शानदार और ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रज्ञानंद को उनकी इस अभूतपूर्व सफलता पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए इस युवा खिलाड़ी की जमकर सराहना की और उनके खेल कौशल को सलाम किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह सफलता वास्तव में एक अद्भुत और असाधारण उपलब्धि है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार किए जा रहे बेहतरीन प्रदर्शन और उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है। इसके साथ ही उन्होंने प्रज्ञानंद को आने वाले समय में होने वाले सभी मुकाबलों और प्रयासों के लिए भी अपनी ढेरों शुभकामनाएं दीं।
Congratulations to Praggnanandhaa for this remarkable feat!
This is indeed an incredible milestone that highlights his continued excellence.
My best wishes to him for his future endeavours. @rpraggnachess https://t.co/ryE0qElL9G
— Narendra Modi (@narendramodi) June 6, 2026
अंतिम दौर के कड़े मुकाबले में जर्मनी के खिलाड़ी को चटाई धूल
इस वैश्विक प्रतियोगिता के दौरान प्रज्ञानंद का सफर बेहद शानदार और रोमांचक रहा। उन्होंने प्रतियोगिता के आखिरी और निर्णायक दौर में अपनी बेहतरीन रणनीतियों के दम पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण जीत हासिल की और चैंपियनशिप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। अपने अंतिम और 10वें दौर के मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी का सामना जर्मनी के मजबूत और दिग्गज खिलाड़ी विंसेंट कीमर से था। इस बेहद दबाव वाले मैच में प्रज्ञानंद ने अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाते हुए क्लासिकल प्रारूप में जर्मन खिलाड़ी को परास्त कर दिया। इस अंतिम जीत के साथ ही उन्होंने अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करा ली। उनकी इस जीत ने वैश्विक स्तर पर भारतीय शतरंज के बढ़ते दबदबे को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया है।
दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर बने शतरंज के नए सुल्तान
नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में गिना जाता है, जहां केवल विश्व के चुनिंदा और शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों को ही खेलने का निमंत्रण मिलता है। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान प्रज्ञानंद ने न केवल अंतिम मैच जीता, बल्कि इससे पहले के दौरों में भी दुनिया के कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी और उन्हें मात दी। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद से ही देश भर के खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संघों में जश्न का माहौल बना हुआ है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में दुनिया के इस सबसे प्रतिष्ठित मंच पर खिताबी जीत हासिल करना यह दर्शाता है कि भारतीय शतरंज का भविष्य बेहद सुरक्षित और उज्ज्वल हाथों में है। सोशल मीडिया पर भी देश-विदेश से लोग इस युवा खिलाड़ी को बधाइयां दे रहे हैं।
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