एस्टोनिया

एस्टोनिया के जरिए उत्तरी यूरोप के बाजारों में एंट्री मार सकता है भारत

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एस्टोनिया के जरिए उत्तरी यूरोप के बाजारों में एंट्री मार सकता है भारत

एजेंसी, नई दिल्ली। एस्टोनिया में भारत के राजनयिक आशीष सिन्हा के अनुसार, यूरोपीय संघ के साथ होने वाला आगामी मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के व्यावसायिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही काफी बेहतर हैं और इस नए समझौते के बाद आपसी तालमेल और मजबूत होगा। इस व्यवस्था से छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा, जिससे भारतीय बाजार में वहां के दुग्ध और कृषि उत्पादों की पहुंच आसान होगी, जबकि भारत के लिए उत्तरी यूरोप के अन्य देशों में प्रवेश करना बेहद सुगम हो जाएगा।

व्यापारिक समझौते की मुख्य बातें

दोनों पक्षों के बीच इस साल जनवरी के अंत में व्यापारिक बातचीत पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था के अंतर्गत भारत से जाने वाले लगभग 93 प्रतिशत सामान को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में बिना किसी अतिरिक्त कर के प्रवेश मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, यूरोप से आने वाले महंगे वाहनों और पेय पदार्थों की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय राजनयिक ने वहां की डिजिटल नागरिकता योजना की सराहना करते हुए कहा कि भारत के कई बड़े कारोबारी इसका लाभ उठा रहे हैं और लगभग 5,000 भारतीय इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें से एक हजार से अधिक लोगों ने वहां अपनी कंपनियां भी स्थापित की हैं।

डिजिटल पहचान और तकनीकी सहयोग

इस विशेष योजना के माध्यम से दुनिया का कोई भी नागरिक इंटरनेट की मदद से एस्टोनिया की डिजिटल पहचान प्राप्त कर सकता है। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही है। सूचना तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सॉफ्टवेयर सेवाओं के क्षेत्र में दोनों ही देश काफी आगे हैं और मिलकर काम कर सकते हैं। भारतीय व्यापारियों को इस देश की कम जनसंख्या पर ध्यान न देकर इसके माध्यम से मिलने वाले विशाल यूरोपीय बाजार के अवसरों को देखना चाहिए।

इन क्षेत्रों में बढ़ रही हैं संभावनाएं

मुख्य रूप से तकनीकी और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियां वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और इसके माध्यम से उत्तरी यूरोप के विशाल बाजारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच वस्तुओं का आपसी व्यापार 13.93 करोड़ यूरो और सेवाओं का लेन-देन 6.64 करोड़ यूरो दर्ज किया गया था। पिछले वर्ष के अंत तक एस्टोनिया में भारत का निवेश 1.36 करोड़ यूरो रहा, जबकि पिछले पच्चीस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भारत में वहां से लगभग 41.5 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश आया है।

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