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पीएम मोदी की मंत्रियों को दो टूक : सरकारी कामकाज में देरी और लापरवाही किसी भी कीमत पर नहीं होगी बर्दाश्त

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एजेंसी, दिल्ली। PM Modi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में अपनी मंत्रिपरिषद को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि सरकारी कामकाज और योजनाओं को लागू करने में किसी भी तरह का विलंब अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को देश की राजधानी में आयोजित हुई मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण और लंबी बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनने और प्रशासनिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंत्रिपरिषद के साथ उनकी यह मुलाकात बेहद सार्थक और सकारात्मक रही, जिसमें आम जनता के जीवन को और अधिक सरल बनाने तथा व्यापार जगत के लिए कारोबारी सुगमता को बढ़ाने से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण तौर-तरीकों पर खुलकर चर्चा की गई।

चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में भविष्य का खाका तैयार

बृहस्पतिवार की शाम को शुरू हुई यह अहम बैठक करीब चार घंटों तक लगातार चलती रही, जिसमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और अन्य सभी राज्य मंत्रियों ने अनिवार्य रूप से हिस्सा लिया। साल 2026 में आयोजित हुई मंत्रिपरिषद की यह पहली बड़ी बैठक थी, जिसमें सरकार की आगामी कार्ययोजना का पूरा खाका तैयार किया गया। प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि विकसित भारत के साझा सपने को समय रहते हकीकत में बदलने के लिए प्रशासनिक सुधारों की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने मंत्रियों को याद दिलाया कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ ने देश की व्यवस्था में बड़े और क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिसका सीधा और बड़ा फायदा देश के आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।

साल 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का बड़ा लक्ष्य

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पूरी मंत्रिपरिषद के सामने एक बहुत बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा है कि साल 2047 तक भारत को हर हाल में एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है और इसके लिए अभी से दिन-रात मेहनत करनी होगी। उन्होंने मंत्रियों को नसीहत दी कि उनका मुख्य उद्देश्य हमेशा देश की जनता के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुगम और सरल बनाना होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन में सरकारी व्यवस्था का किसी भी तरह का अनावश्यक हस्तक्षेप या रुकावट बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के अपना जीवन जी सकें।

अतीत की उपलब्धियों को छोड़ अब भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का समय

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों में हर संभव ऐसे कदम उठाएं, जिससे सरकार की सभी कल्याणकारी और जनहितैषी योजनाओं का अधिकतम लाभ समाज के आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सके। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह समय पीछे मुड़कर देखने का या अतीत में किए गए कार्यों के गुणगान में उलझे रहने का नहीं है, बल्कि पूरी ताकत के साथ आगे देखने का है। केंद्र सरकार साल 2014 से लगातार सत्ता में रहकर देश सेवा कर रही है, इसलिए साल 2026 में पूरा ध्यान केवल भविष्य के बड़े लक्ष्यों और नई उपलब्धियों को हासिल करने पर ही केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने सभी को केवल सुशासन और योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान लगाने की सलाह दी।

वैश्विक दौरों और प्रशासनिक सुधारों पर हुआ मंथन

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की सफल यात्राओं के परिणामों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके साथ ही सरकार के कुल नौ प्रमुख सचिवों ने अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों द्वारा शुरू की गई नई पहलों और उनके कार्य प्रदर्शन का पूरा ब्यौरा सबके सामने रखा। कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने भी सरकार के समग्र सुधार कार्यक्रमों और आम जनता से जुड़े कदमों पर अपनी बात रखी, जबकि नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने भी देश के विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी। मंत्रिपरिषद की यह बड़ी बैठक ऐसे समय में संपन्न हुई है, जब हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी दल को शानदार सफलता हासिल हुई है।

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