एजेंसी, नई दिल्ली। PM Modi Korea Meet : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच सोमवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के रिश्तों को एक ऐतिहासिक मोड़ मिला। आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुई इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को ‘भविष्योन्मुखी साझेदारी’ में बदलने का निर्णय लिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच का यह जुड़ाव तकनीक, व्यापार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर मजबूती से टिका होगा।
Addressing the joint press meet with President Lee Jae Myung of the Republic of Korea.@Jaemyung_Lee https://t.co/NpU97z4dzB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2026
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच तकनीकी सहयोग पर सहमति
दोनों शीर्ष नेताओं ने ‘भारत-कोरिया डिजिटल सेतु’ की शुरुआत की घोषणा की। इसका मुख्य लक्ष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मिलकर काम करना है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि चिप्स से लेकर जहाज निर्माण और मनोरंजन से लेकर ऊर्जा तक, दोनों देश सहयोग के नए अवसरों को धरातल पर उतारेंगे। राष्ट्रपति ली ने भी भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए साझेदारी के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता जताई।
आर्थिक लक्ष्यों और व्यापारिक रिश्तों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली ने 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वर्तमान में यह आंकड़ा करीब 25.7 अरब डॉलर है। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। वाणिज्यिक स्तर पर भारतीय स्टील और अन्य उत्पादों के लिए कोरियाई बाजार में सुलभता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई ताकि व्यापारिक संतुलन बना रहे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक दृष्टिकोण
रणनीतिक स्तर पर पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति ली ने भी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति के प्रति दोनों देशों के एक समान नजरिये को रेखांकित किया। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ली का औपचारिक स्वागत किया। राष्ट्रपति ली ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सम्मान को दर्शाता है।
भविष्य की सफलता की कहानियों की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि आज की यह मुलाकात अगले दशक की सफलता की कहानियों का आधार बनेगी। जहाज निर्माण, स्टील, बंदरगाह और रचनात्मक उद्योगों जैसे एनीमेशन और गेमिंग में नए समझौतों के जरिए दोनों देशों के बीच एक ठोस व्यापारिक ढांचा तैयार किया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति ली की यह पहली भारत यात्रा विशेष रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।
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