PM Modi Convoy

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों ने पेश की मितव्ययिता की मिसाल : ईंधन बचाने के लिए काफिले में घटाईं गाड़ियां, देशभर में दिखा असर

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। PM Modi Convoy : वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सामने सादगी और मितव्ययिता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद न केवल उनके अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम हुई है, बल्कि देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा की बचत करना और ईंधन की खपत को कम करना है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों से सुरक्षित रखा जा सके।

प्रधानमंत्री के काफिले में बदलाव और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को काफी सीमित कर दिया गया है। विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए केवल आवश्यक सुरक्षा वाहनों को ही काफिले में रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि बिना नए वाहन खरीदे, जहाँ भी संभव हो, मौजूदा काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। रविवार को हैदराबाद में उनके भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम के दौरों पर इसका असर साफ दिखाई दिया।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में काफिले हुए आधे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या को तत्काल 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि ईंधन की बर्बादी को रोकने के लिए यह कदम अनिवार्य है। इसी तरह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर केवल 8 कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने और आधिकारिक दौरों के दौरान बड़ी वाहन रैलियों से बचने की अपील की है।

दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में भी मितव्ययिता के कदम

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित करने का आदेश दिया है। वहीं राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले में अब केवल पांच वाहन ही नजर आ रहे हैं। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एक प्रेरक निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि वे अब हवाई यात्राओं के बजाय ट्रेनों और राज्य परिवहन की बसों जैसे सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग करेंगे। इसके अलावा, गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी है।

अन्य राज्यों और मंत्रियों की सराहनीय पहल

महाराष्ट्र सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए मंत्रियों की विमान यात्राओं पर मुख्यमंत्री की अनुमति अनिवार्य कर दी है। बिहार में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई मंत्रियों ने स्वेच्छा से अपने काफिले के वाहनों को आधा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने रविवार को हैदराबाद की रैली में देशवासियों से ‘कार पूलिंग’, मेट्रो सेवाओं का उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसी आदतों को अपनाने का सुझाव दिया था। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए सरकार का यह सक्रिय दृष्टिकोण देश की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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