Oman Ship Attack

ओमान तट के पास भारतीय नाविकों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से बढ़ा वैश्विक तनाव, भारत ने जताई बेहद कड़ी आपत्ति

अंतर्राष्ट्रीय ओमान नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, ओमान। Oman Ship Attack : ओमान के समुद्री तट के निकट भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के बाद भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक गतिरोध बेहद गहरा गया है। इन हिंसक सैन्य कार्रवाइयों में तीन भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कुछ अन्य नाविकों के लापता होने की गंभीर सूचना मिल रही है। भारत सरकार ने इस पूरी घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अपनी बेहद कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी और उप-प्रमुख को तत्काल तलब किया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ हुए इस खिलवाड़ को लेकर अत्यंत कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने ओमान के पास समुद्र में हुए इस हमले की न केवल स्पष्ट शब्दों में पुरजोर निंदा की है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र व्यापार के नियमों का सीधा उल्लंघन करार दिया है। इस दुखद हादसे के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है, और भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार हर संभव प्रयास कर रहा है।

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई और तीन पोतों को बनाया निशाना

यूनाइटेड नेशन्स सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी वायुसेना के विमानों द्वारा यह बड़ी सैन्य कार्रवाई की गई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटी जलवीर’ को अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन न करने की वजह से निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और नाकाबंदी का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए ईरान से कच्चे तेल का परिवहन करने का प्रयास कर रहा था। जब जहाज के चालक दल ने अमेरिकी सेना की चेतावनियों को बार-बार नजरअंदाज किया, तो अमेरिकी लड़ाकू विमान ने कार्रवाई करते हुए जहाज के मुख्य इंजन रूम को सीधे निशाना बनाकर दो बेहद खतरनाक हेलफायर मिसाइलें दाग दीं, जिससे जहाज पूरी तरह निष्क्रिय हो गया। अमेरिकी सेना ने यह भी साफ किया है कि इस सप्ताह उनकी कार्रवाई का शिकार बनने वाला यह तीसरा बड़ा वाणिज्यिक जहाज है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी अमेरिकी सेना ने पालाउ के झंडे वाले ‘एमटी मैरीवेक्स’ और एक अन्य पोत ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर इसी तरह के गंभीर मिसाइल हमले किए थे। अमेरिकी पक्ष के अनुसार यह नाकाबंदी बीते 13 अप्रैल से लागू है, जिसके तहत अब तक नौ जहाजों को निष्क्रिय किया जा चुका है।

वाणिज्यिक पोत सेट्टेबेलो पर हमला और लापता नाविकों की तलाश

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ओमान के तट के पास जिस दूसरे बड़े वाणिज्यिक पोत ‘सेट्टेबेलो’ पर हमला हुआ है, उसके कुल चालक दल में 24 भारतीय नागरिक सवार थे। इस घातक मिसाइल हमले के तुरंत बाद चलाए गए आपातकालीन बचाव अभियान के तहत अब तक 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन बेहद चिंता की बात यह है कि तीन भारतीय नाविक अब भी गहरे समुद्र में लापता बताए जा रहे हैं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी बुधवार को हुए इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने की दुखद पुष्टि कर दी है। ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास इस पूरी संवेदनशील स्थिति पर बेहद करीबी और चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है। भारतीय राजनयिक वहां के स्थानीय और ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर समंदर में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।

मस्कट में भारतीय दूतावास अलर्ट और नाविक संगठन की चिंताएं

खाड़ी के इस पूरे समुद्री क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने और बढ़ते तनाव के बीच मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने बेहद मुस्तैदी दिखाई है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें ओमान के शिनास बंदरगाह के बिल्कुल नजदीक एक और पोत से जुड़ी अप्रिय घटना की ताजा जानकारी मिली है। भारतीय अधिकारी इस मामले की पूरी तह तक जाने और अधिक विवरण जुटाने के लिए स्थानीय तटीय सुरक्षा बलों के साथ लगातार संपर्क में हैं। इसी बीच भारतीय नाविकों के सबसे बड़े संगठन ‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ यानी एफएसयूआई ने सोशल मीडिया पर समंदर के बीच धुआं-धुआं होकर जलते हुए एक विशाल जहाज की कुछ बेहद डरावनी तस्वीरें जारी की हैं। नाविक यूनियन ने भारी चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि इस क्षतिग्रस्त पोत पर भी लगभग 20 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह जलता हुआ जहाज वही है जिसके बारे में मस्कट का दूतावास जानकारी जुटा रहा है, या फिर यह कोई और नया शिकार हुआ जहाज है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों की दुहाई देकर भारत ने दुनिया को दी दोटूक नसीहत

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहद सख्त और दोटूक रुख अख्तियार कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने अपने विशेष वक्तव्य में साफ-साफ कहा है कि वैश्विक व्यापार के रूट पर वाणिज्यिक नौवहन और नागरिक बुनियादी ढांचों को इस तरह हिंसक तरीके से निशाना बनाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भारत ने साफ शब्दों में दुनिया को आगाह किया है कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण आम नागरिकों और निर्दोष नाविकों की जान पर बन आई है। भारत सरकार ने वैश्विक ताकतों से अपील की है कि समुद्र में जारी इस भारी तनाव को तत्काल प्रभाव से कम किया जाए और बातचीत के जरिए कूटनीतिक समाधान निकाला जाए ताकि खाड़ी क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता स्थापित हो सके। इसके साथ ही भारत ने यह मांग भी दोहराई है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत दुनिया के इन महत्वपूर्ण जलमार्गों में बिना किसी रोक-टोक के स्वतंत्र और सुरक्षित व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में फिर किसी निर्दोष भारतीय नाविक को अपनी जान न गंवानी पड़े।

ये भी पढ़े : जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सैन्य उपकरणों के रख-रखाव के दौरान हुआ बड़ा हादसा : हैंड ग्रेनेड फटने से देश के दो जांबाज जवान शहीद

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply