एजेंसी, रतलाम। Nitin Gadkari Ratlam Visit : देश के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार की सुबह मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पहुंचे। यहाँ उन्होंने देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का बारीक निरीक्षण किया। इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान रतलाम की कलेक्टर मिशा सिंह ने केंद्रीय मंत्री को जिले की सीमा में चल रहे एक्सप्रेसवे के विभिन्न निर्माण कार्यों और उसकी प्रगति के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी दी।
📍दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरुआती सेक्शन दिल्ली में DND-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे पैकेज 2, 3, 4, 5, इसके साथ राजस्थान में दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के 8-लेन मुकुंदरा सड़क सुरंग (ट्विन टनल) सहित पैकेज 6, 7, 8, 9, 10, 11,… pic.twitter.com/9Q2834BdGr
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) July 8, 2026
दिल्ली से रतलाम तक का लंबा हवाई और जमीनी सफर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस विशाल एक्सप्रेसवे परियोजना की जमीनी हकीकत और गुणवत्ता को परखने के लिए बुधवार की सुबह देश की राजधानी दिल्ली से रवाना हुए थे। अपने इस लंबे सफर के दौरान वे राजस्थान के बूंदी और कोटा जिलों का दौरा करते हुए और वहां के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए देर रात मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ इलाके में पहुंचे। बुधवार की रात उन्होंने गरोठ में स्थित रूपरा सर्किट हाउस में विश्राम किया। इसके अगले दिन यानी गुरुवार की सुबह करीब 8.15 बजे वे गरोठ से 19 गाड़ियों के एक बड़े सुरक्षा काफिले के साथ आगे के निरीक्षण के लिए रवाना हुए। इस भव्य 8-लेन एक्सप्रेसवे की सड़क मार्ग से जांच करते हुए वे सुबह 10.25 बजे रतलाम जिले की प्रशासनिक सीमा के भीतर दाखिल हुए।
जिले की सीमा पर जमीनी हकीकत का बारीकी से निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही रतलाम की कलेक्टर मिशा सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित तमाम वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहले ही जिले की सीमा पर मुस्तैद हो चुके थे। नितिन गडकरी का काफिला रतलाम जिले की एंट्री पॉइंट पर करीब 5 मिनट के लिए रुका, जहाँ वे स्वयं अपनी गाड़ी से नीचे उतरे। उन्होंने इस विश्वस्तरीय 8-लेन एक्सप्रेसवे की बनावट और गुणवत्ता का पैदल चलकर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि सड़क पर जहाँ कहीं भी पैच वर्क या मरम्मत का काम अधूरा है, उसे तय समय सीमा के भीतर और बेहद तेजी से पूरा किया जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इसके बाद वे अपने काफिले के साथ आगे के गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम और पुलिस की मुस्तैदी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस उच्च स्तरीय और संवेदनशील दौरे को ध्यान में रखते हुए पूरे एक्सप्रेसवे रूट पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह से चाक-चौबंद की गई थीं। सुरक्षा कारणों से रतलाम जिले की सीमा में पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से को अस्थाई रूप से आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए जगह-जगह भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पूरी यातायात व्यवस्था और सुरक्षा घेरे की निगरानी कर रहे थे।
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