एजेंसी, नई दिल्ली। दुबई एयर शो 2025 में क्रैश हुए भारतीय लड़ाकू विमान तेजस का निर्माण करने वाली इंडियन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में एचएएल ने इसे असाधारण परिस्थितियों के कारण हुई एक अलग घटना बताया। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। शहीद नमांश स्याल मूलत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी थे, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कंपनी ने कहा, कारोबार पर नहीं होगा कोई असर
एचएएल ने कहा कि दुर्घटना असाधारण परिस्थितियों के कारण हुई, हालांकि उसने और अधिक जानकारी नहीं दी। जनरल इलेक्ट्रिक इंजन द्वारा संचालित विमान के प्रमुख निर्माता एचएएल ने कहा कि उसे उम्मीद नहीं है कि इस विमान दुर्घटना से उसके व्यावसायिक परिचालन या भविष्य की डिलीवरी पर कोई प्रभाव पड़ेगा। कंपनी ने आगे कहा कि वह जांच में अपना सहयोग देगी।
विमान दुर्घटना की जांच में पूरा सहयोग
कंपनी ने बताया कि वह विमान दुर्घटना की जांच कर रही संबंधित एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है। जांच के दौरान कंपनी सभी तकनीकी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि घटना के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके। एचएएल ने कहा है कि जैसे-जैसे कोई महत्वपूर्ण अद्यतन उपलब्ध होगा, कंपनी उसे तुरंत शेयर बाजार नियामकों और हितधारकों के साथ साझा करेगी। यह पत्र एचएएल के कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी शैलेश बंसल ने जारी किया है।
दुबई एयर शो में क्रैश हुआ था तेजस
आपको बता दें कि शुक्रवार को दुबई एयरशो में हवाई प्रदर्शन के दौरान भारत का तेजस लड़ाकू विमान आग के गोले में तब्दील हो गया था। इस दुर्घटना में भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की भी मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब 37 वर्षीय पायलट हवाई कलाबाजी कर रहे थे।
कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश
वायुसेना ने दुर्घटना की गहन जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ऑर्डर की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब तेजस निर्धारित एरोबेटिक अभ्यास के लिए उड़ान भर रहा था। दुर्घटना के कारणों का फिलहाल स्पष्ट आकलन नहीं हो सका है।


