एजेंसी, दिल्ली। NEET Protest CJP Rejects Govt : राष्ट्रीय राजधानी में नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और इस आंदोलन ने अब अत्यंत विशाल रूप धारण कर लिया है। जंतर मंतर पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण सुधार की कड़ी मांग कर रहे हैं। 20 जून से शुरू हुए इस महा संग्राम में अब देश के कोने कोने से छात्र, अभिभावक और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता जुड़ते जा रहे हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून से इस प्रदर्शन का हिस्सा बनकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक इस भयंकर शिक्षा घोटाले की पूरी जवाबदेही तय नहीं की जाती और मुख्य कर्ताधर्ताओं को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका यह प्रोटेस्ट ऐसे ही बिना रुके चलता रहेगा।
‼️Nationwide Call For Peaceful Protest‼️ pic.twitter.com/D2jte841z2
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 23, 2026
सरकार के डायलॉग प्रपोजल को सीजेपी ने किया रिजेक्ट
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की तरफ से इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत का न्योता भेजा गया था, लेकिन पार्टी के नेताओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने उन्हें सुबह मंत्री के आवास पर मीटिंग के लिए बुलाया था, जिसे उन्होंने साफ तौर पर नामंजूर कर दिया है। उनका तर्क है कि जनता की अदालत सड़क पर लगी है, इसलिए अगर सरकार को कोई भी बात करनी है, तो मंत्रियों को सीधे जंतर मंतर पर आकर खुले मंच से संवाद करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह विकल्प भी खुला रखा है कि अगर सुरक्षा का कोई बहुत बड़ा इश्यू है, तो प्रदर्शन स्थल के ही पास किसी न्यूट्रल वैन्यू पर 2 पक्षों के बीच शांतिपूर्ण चर्चा की जा सकती है, लेकिन बंद कमरों की मीटिंग उन्हें बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।
प्रधानमंत्री का फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला और सीजेपी का पलटवार
इस पूरे क्राइसिस के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकर युवाओं को कड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों की तुरंत सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान पर सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि लगभग 1.5 महीने बाद आखिरकार प्रधानमंत्री को इस महा घोटाले की याद आ गई। उन्होंने सवाल उठाया कि पेपर लीक होने के बाद सजा देना असल समाधान नहीं है, बल्कि सिस्टम में वह खामी ढूंढनी होगी जिससे पेपर लीक होता है। इसके साथ ही पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को दोबारा दोहराते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जंतर मंतर पर मेडिकल कैंप और वालंटियर डॉक्टर्स की निस्वार्थ सेवा
इस ऐतिहासिक प्रोटेस्ट में जहां छात्रों का भारी हुजूम उमड़ रहा है, वहीं वालंटियर डॉक्टर्स भी अपनी निस्वार्थ सेवाएं देने के लिए जंतर मंतर पहुंच चुके हैं। फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन जैसे संगठनों के बैनर तले 50 से अधिक मेडिकल प्रोफेशनल्स का ग्रुप यहां 24 घंटे तैनात है। टीम के सदस्य अमृतपाल सिंह और डॉ स्वैमन सिंह के नेतृत्व में यह डॉक्टर्स प्रदर्शनकारियों को फर्स्ट एड, दवाइयां और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध करा रहे हैं। बारिश और खराब मौसम की वजह से बुखार, डिहाइड्रेशन और पैरों में सूजन की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों का यहां लगातार फ्री इलाज किया जा रहा है। इन डॉक्टर्स का मानना है कि नीट मेडिकल फील्ड का सबसे बड़ा एग्जाम है और अगर इसकी नीव ही कमजोर होगी, तो भविष्य में मरीजों की जान खतरे में पड़ जाएगी, इसलिए वे इस संघर्ष में छात्रों के साथ डटकर खड़े हैं।
वायलेंस और स्टोन पेल्टिंग में पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल
शांतिपूर्ण चल रहे इस आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों की एंट्री ने माहौल को काफी हिंसक और तनावपूर्ण बना दिया है। बुधवार रात जंतर मंतर के आसपास अचानक पत्थरबाजी की घटना हुई, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत सहित 2 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 अन्य पुलिसकर्मी बुरी तरह से घायल हो गए। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, घायल एसीपी के सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोटें आई हैं और सूजन के साथ कानों से खून भी बह रहा था। मरीज को लगातार उल्टी की शिकायत भी थी। आरएमएल में इमरजेंसी सर्जरी और प्राथमिक उपचार के बाद, एसीपी ने अपना आगे का मेडिकल ट्रीटमेंट एम्स दिल्ली से कराने का निर्णय लिया, जिसके बाद उन्हें वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
सिक्योरिटी अलर्ट के चलते 16 मेट्रो स्टेशंस का मेगा शटडाउन
कानून व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने और प्रदर्शन स्थल पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी डीएमआरसी ने बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रशासन के आदेश पर गुरुवार सुबह 7:30 बजे से दिल्ली के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशंस को आम पब्लिक के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। इन बंद किए गए स्टेशंस में राजीव चौक, पटेल चौक, लोक कल्याण मार्ग, बाराखंभा रोड, मंडी हाउस, आईटीओ और केंद्रीय सचिवालय जैसे बेहद व्यस्त और अति महत्वपूर्ण स्टेशंस शामिल हैं। हालांकि, यात्रियों की भारी परेशानी को थोड़ा कम करने के मकसद से राजीव चौक और मंडी हाउस जैसे जंक्शन स्टेशंस पर केवल लाइन चेंज करने की इंटरचेंज फैसिलिटी चालू रखी गई है। इस बड़े शटडाउन की वजह से पूरी दिल्ली में ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और भारी संख्या में डेली कम्यूटर्स को अपने ऑफिस और गंतव्य तक पहुंचने में भयंकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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