एजेंसी, भोपाल। MP Weather Alert : मध्य प्रदेश में मौसम ने शुक्रवार को अचानक बेहद विकराल और जानलेवा रूप धारण कर लिया। राज्य के कई बड़े हिस्सों में तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की विनाशकारी घटनाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इन अलग-अलग प्राकृतिक हादसों में बालाघाट और देवास जिलों के भीतर कुल 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके साथ ही राज्य के ग्रामीण अंचलों में बेजुबान पशुधन को भी इस बेमौसम आपदा के कारण भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे किसानों में हाहाकार मच गया है।
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— Mausam Bhopal (@BhopalMausam) June 27, 2026
बालाघाट में बिजली गिरने से 4 और देवास में दीवार ढहने से दो महिलाओं की मौत
हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर बालाघाट जिले के बैहर तहसील के अंतर्गत आने वाली बिरवा ग्राम पंचायत में देखने को मिला, जहाँ आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों सहित चार लोगों की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई। इस हादसे में 8 अन्य लोग बिजली के झटके से गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में लल्की मेरावी, 35 वर्षीय झामसिंह ताराम और सतीश वलके की शिनाख्त हुई है। वहीं, दूसरी ओर देवास के खटांबा गांव में एक अन्य हादसा हुआ, जहाँ सूरज की पारंपरिक पूजा के दौरान आई तेज आंधी और बारिश के कारण एक मकान की गैलरी अचानक भरभराकर ढह गई। मलबे में दबने के कारण लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई नामक दो महिलाओं की जान चली गई, जबकि एक छोटी बच्ची सहित तीन अन्य लोग घायल हो गए।
सतना में आकाशीय बिजली की चपेट में आए बेजुबान, 19 मवेशियों ने गंवाई जान
सतना जिले के बरौंधा वन क्षेत्र में भी कुदरत का भयंकर कहर देखने को मिला। यहाँ आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आने से 17 बकरियों और 2 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। जिले के पड़ो, वीरमपोखरी, गोडहा और साडा गांव इस बिजली गिरने की घटना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पड़ो गांव में एक महुआ के पेड़ के नीचे अपनी जान बचाने के लिए खड़े ये बेजुबान पशु अचानक गिरी कड़कड़ाती बिजली का शिकार बन गए, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति पहुँची है।
मूसलाधार बारिश से मिली भीषण उमस से राहत और तेजी से नीचे गिरा पारा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के 15 से अधिक मुख्य जिलों में तेज रफ्तार आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर लगातार जारी रहा। आंकड़ों के मुताबिक सिवनी में करीब 2 इंच, जबकि शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा धार्मिक नगरी उज्जैन में भी 1.5 इंच से अधिक पानी गिरा है। इस मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश के लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही भीषण गर्मी और उमस से बहुत बड़ी राहत मिली है। खरगोन जिले में अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर सबसे कम 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। इसके अलावा खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री और छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। वहीं राजधानी भोपाल और इंदौर में तापमान 33.8 डिग्री, जबकि ग्वालियर में पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
भोपाल और उज्जैन संभाग में अगले दो दिनों के भीतर मानसून देगा दस्तक
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 2 दिनों के भीतर मानसून की मुख्य धारा के भोपाल और उज्जैन संभाग के जिलों तक पूरी तरह से पहुँचने की प्रबल संभावना बनी हुई है। हालांकि, उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभागों में रहने वाले नागरिकों को मानसून की फुहारों के लिए अभी थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इन क्षेत्रों में भौगोलिक कारणों से मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा, तब तक वहां प्री-मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी।
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