एजेंसी, बुदनी। MP Moong farmer protest : मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र और सियासत में एक बार फिर किसानों का आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रहा है। सूबे के सीहोर जिले के अंतर्गत आने वाले बुधनी विधानसभा क्षेत्र के भेरूंदा में आगामी 6 जुलाई 2026 को एक बहुत ही विशाल और ऐतिहासिक किसान महाआंदोलन का शंखनाद होने जा रहा है। इस महाआंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान स्वराज संगठन पूरी ताकत से जुटा हुआ है और ग्रामीण अंचलों में तैयारियां अपने अंतिम और चरम दौर में पहुंच चुकी हैं। वर्तमान सरकार की कृषि नीतियों के विरोध में इस बार हजारों की संख्या में आक्रोशित किसान अपने कृषि वाहनों के साथ सड़कों पर उतरने की पुख्ता रणनीति बना चुके हैं। स्थानीय राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस महाआंदोलन के जरिए किसान अपनी सामूहिक एकजुटता और जमीनी ताकत का अहसास सीधे शासन-प्रशासन को कराने के मूड में हैं।
200 गांवों से कूच करेंगे अन्नदाता, ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ रणनीति से प्रशासन अलर्ट
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसमें भेरूंदा और रेहटी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 200 गांवों के ग्रामीण व किसान पूरी तरह से लामबंद हो चुके हैं। ये सभी किसान 6 जुलाई 2026 की सुबह अपने-अपने गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर भेरूंदा मुख्यालय की तरफ प्रस्थान करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आंदोलन में लगभग 5 हजार से भी अधिक ट्रैक्टर सड़कों पर उतरेंगे, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और प्रशासन के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी होने की पूरी आशंका है। किसान स्वराज संगठन ने इस बार “घेरा डालो, डेरा डालो” नामक एक बेहद आक्रामक और अनिश्चितकालीन अभियान का खाका तैयार किया है। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर सीहोर जिले के कलेक्टर के समक्ष ही अपना मांग पत्र सौंपेंगे और यदि मौके पर कलेक्टर आकर उनकी बात नहीं सुनते हैं, तो सभी किसान अनिश्चितकाल के लिए मुख्य सड़कों पर ही अपना डेरा जमा लेंगे।
शत प्रतिशत मूंग की सरकारी खरीदी मुख्य मांग, भोपाल घेराव की भी कड़ा अल्टीमेटम
किसान स्वराज संगठन के जिला अध्यक्ष भगवान सिंह यदुवंशी ने इस महाआंदोलन के मुख्य उद्देश्यों और रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य सरकार को एक कड़ा संदेश भेजा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस पूरे आंदोलन की मुख्य और प्राथमिक मांग प्रदेश के भीतर पैदा हुई मूंग की फसल की शत प्रतिशत सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करना है। किसानों का आरोप है कि सरकार इस मामले में लगातार हीलाहवाली कर रही है और स्पष्ट घोषणा करने से बच रही है। जिला अध्यक्ष ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में जल्द ही शत प्रतिशत मूंग खरीदी की आधिकारिक और लिखित घोषणा नहीं की, तो भेरूंदा में जुटने वाला यह विशाल जनसैलाब सीधे राजधानी भोपाल की ओर कूच कर जाएगा। भोपाल में होने वाले इस संभावित उग्र प्रदर्शन और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए पूरी तरह से राज्य शासन और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। वर्तमान में भैंरुदा और रेहटी के किसानों के साथ बैठकें कर आंदोलन की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है, और किसानों का संकल्प है कि वे इस बार अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगे।
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