एजेंसी, कांगपोकपी। Manipur Violence : पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से एक बार फिर बेहद परेशान और विचलित करने वाली हिंसक घटना सामने आ रही है, जहां शुक्रवार की सुबह तड़के कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने एक शांतिपूर्ण गांव पर अचानक अंधाधुंध हमला बोल दिया। इस कायराना और अचानक हुए हमले में एक मासूम महिला सहित कुल तीन स्थानीय नागरिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरी दुखद घटना मणिपुर के संवेदनशील कांगपोकपी जिले के अंतर्गत आने वाले सैतू-गामफाजोल उपखंड के लोइबोल खुल्लेन गांव की बताई जा रही है। उग्रवादियों ने सुबह करीब चार बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, तब भारी हथियारों के साथ धावा बोल दिया। इस खूनी हमले के दौरान हमलावरों ने न केवल निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाईं, बल्कि गांव के करीब सात रिहायशी घरों को भी आग के हवाले कर पूरी तरह से खाक कर दिया।
Three civilians were reportedly killed and several houses were set ablaze in a fresh attack by suspected armed miscreants in Manipur’s Kangpokpi district early on Friday morning.
According to sources, the attack occurred around 4 am at Loibol Khullen village under the… pic.twitter.com/N5YSf67ROX
— EastMojo (@EastMojo) June 5, 2026
स्थानीय प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अचानक हुए इस हमले के बाद वहां मौजूद दो अलग-अलग सशस्त्र गुटों के बीच भी कई मिनटों तक भयंकर और आमने-सामने की गोलीबारी हुई। जैसे ही पूरे इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार शुरू हुई, गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी और डर का माहौल पैदा हो गया। अपनी जान बचाने के लिए मासूम ग्रामीण, बूढ़े और बच्चे बिना चप्पल-जूतों के ही भागने लगे और उन्होंने पास में ही स्थित घने जंगलों की तरफ दौड़कर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
हिंसक गोलाबारी में तीन ग्रामीणों ने गंवाई अपनी जान
सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे खूनी संघर्ष और गोलाबारी की चपेट में आने से मारे गए तीनों स्थानीय नागरिकों की पहचान पूरी तरह से कर ली गई है। मृत व्यक्तियों के नाम लेटखोंगम हाओकिप, टिनमैरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप बताए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों ही बदनसीब ग्रामीणों की मौत हमलावरों की तरफ से सीधे चलाई गई गोलियों के शरीर में धंसने के कारण हुई है।
इस बर्बर और अचानक हुए हिंसक हमले की सूचना मिलते ही सेना, असम राइफल्स और मणिपुर राज्य पुलिस के अतिरिक्त सुरक्षा बल के जवान भारी मात्रा में आधुनिक हथियारों के साथ तुरंत प्रभावित लोइबोल खुल्लेन गांव पहुंचे। सुरक्षा बलों ने पूरे गांव और उसके आसपास के जंगली इलाकों की घेराबंदी कर ली है और हमलावरों की तलाश में एक बहुत बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
निर्दोष नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा- मुख्यमंत्री
इस दर्दनाक और वीभत्स घटना पर मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने अपनी गहरी संवेदना और भारी आक्रोश व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस हिंसक हमले को पूरी तरह से घिनौना, अमानवीय और कायराना कृत्य करार दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अपने घरों में सो रहे निहत्थे और निर्दोष नागरिकों को इस तरह से हिंसक निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने राज्य की जनता को भरोसा दिलाया है कि इस पूरे नरसंहार और आगजनी के पीछे जो भी देशविरोधी और हिंसक तत्व जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस के महानिदेशक और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे विशेष टीमों का गठन कर इन हमलावरों को पाताल से भी ढूंढ निकालें और जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजें। इसके साथ ही उन्होंने जिले के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने तथा इस आगजनी से पूरी तरह प्रभावित हुए पीड़ित परिवारों को तुरंत हर जरूरी सरकारी राहत, राशन और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। दूसरी तरफ, सूबे के उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने भी कहा कि राज्य सरकार इस पूरी हिंसक वारदात को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कानून की सबसे सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी समुदायों और लोगों से शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि वे समाज में डर और नफरत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के बहकावे में बिल्कुल न आएं।
कुकी जनजातीय संगठन ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस बीच, मणिपुर राज्य में कुकी जनजातियों के सबसे बड़े और शीर्ष सामाजिक संगठन केआईएम यानी कुकी इनपी मणिपुर ने भी इस हिंसक हमले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसकी तीव्र निंदा की है। संगठन ने मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए सरकार से इस पूरी घटना की एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की पुरजोर मांग उठाई है।
कुकी इनपी मणिपुर ने अपने आधिकारिक लिखित बयान में साफ तौर पर कहा कि वे निहत्थे और बेकसूर आम नागरिकों के खिलाफ की गई इस बर्बर हिंसा की हर स्तर पर घोर निंदा करते हैं। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस प्रकार से निर्दोष और असहाय लोगों की बेरहमी से हत्या करना, उनके आशियानों को आग के हवाले करना और उनकी आजीविका के साधनों को पूरी तरह से नष्ट कर देना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। यह सीधे तौर पर मानव गरिमा और बुनियादी मानवाधिकारों का एक बहुत ही गंभीर और अक्षम्य उल्लंघन है, जिस पर तुरंत सख्त कानूनी एक्शन होना अनिवार्य है।
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