MP Mine Accident

शहडोल में कोयला खदान की छत धंसने से बड़ा हादसा : मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत और सात अन्य घायल

देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश शहडोल

एजेंसी, शहडोल। MP Mine Accident : मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद ही दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आ रहा है। जिले के सोहागपुर कोयला अंचल क्षेत्र में स्थित बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार की दोपहर अचानक ऊपरी छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। खदान के भीतर हुए इस भयानक हादसे की चपेट में आने से वहां काम कर रहे दो खदान मजदूरों की मौके पर ही मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में से एक श्रमिक की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और खदान प्रबंधन की ओर से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, खदान की ऊपरी छत की मिट्टी और चट्टानें बेहद कमजोर थीं, जिसके अचानक ढह जाने के कारण यह भीषण दुर्घटना घटित हुई।

यह पूरी घटना साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर प्रशासनिक क्षेत्र के तहत आने वाली बंगवार अंडरग्राउंड माइन (भूमिगत खदान) की है। दुर्घटना के समय खदान के अंदर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक विशेष स्टापिंग वॉल (रोकथाम दीवार) के निर्माण का काम बेहद तेजी से चल रहा था। इसी दौरान ऊपरी परत का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से बल्लू कोल और गोलू बैगा नाम के दिनों स्थानीय मजदूरों की जान चली गई। घटना की भनक लगते ही खदान प्रबंधन के बड़े अधिकारी, सुरक्षा टीमें और राहत दल एंबुलेंस के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।

दूसरी पाली के दौरान अचानक ढह गई खदान की ऊपरी परत

प्रत्यक्षदर्शियों और खदान के कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर की दूसरी पाली के दौरान करीब साढ़े तीन बजे घटित हुआ। उस समय खदान के भीतर कई मजदूर पूरी मुस्तैदी से स्टापिंग वॉल बनाने के काम में जुटे हुए थे। तभी अचानक ऊपरी हिस्से की कमजोर मिट्टी और चट्टानी मलबा भरभराकर सीधे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। मलबे का वजन इतना ज्यादा था कि वहां मौजूद श्रमिकों को संभलने तक का मौका नहीं मिल सका और सभी उसकी चपेट में आ गए।

हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। बचाव दल ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए घायल मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से तत्काल केंद्रीय अस्पताल बुढ़ार तथा शहडोल के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, मलबे की चपेट में आने से घायल मजदूरों के सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में बेहद गंभीर चोटें आई हैं और उनका विशेष उपचार किया जा रहा है।

सुरक्षा कारणों से खदान बंद, तकनीकी जांच के आदेश जारी

इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद खदान प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभावित हिस्से को सुरक्षा कारणों के चलते पूरी तरह से सील कर बंद कर दिया है ताकि आगे कोई और अप्रिय घटना न हो सके। प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती कयासों के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान ऊपरी चट्टानी परत के कमजोर होने और दबाव न झेल पाने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रबंधन का कहना है कि दुर्घटना के असली तकनीकी कारणों का खुलासा पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में हुए कई अन्य बड़े हादसे

मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खदानों और मिट्टी धंसने के चलते पिछले कुछ समय में कई बड़े हादसे सामने आ चुके हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं:

डिंडोरी में सफेद मिट्टी की खदान ढही

बीते सोमवार, 1 जून को डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पड़रिया कला गांव में भी एक ऐसा ही हादसा हुआ था। वहां छुही यानी सफेद मिट्टी की एक खदान के अचानक धंस जाने से काम कर रही महिला मजदूर ममता बाई मलबे में दब गई थीं। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कई घंटों तक भारी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उस महिला मजदूर की जान नहीं बचाई जा सकी।

सिवनी में निर्माणाधीन कुआं धंसा

इसके ठीक बाद 2 जून को सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र के दुकली गांव में एक और दर्दनाक वाकया सामने आया। वहां एक निर्माणाधीन कुऐं के अचानक धंस जाने के कारण मां और बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई थी, जबकि परिवार की एक बुजुर्ग दादी इस हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं। लगभग 40 फीट गहरे इस कुऐं में मिट्टी धंसने के बाद करीब सात घंटे तक लंबा बचाव कार्य चलाया गया था, जिसके बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके।

सिंगरौली में मिट्टी धंसने से तीन महिलाओं ने गंवाई जान

इसी साल की शुरुआत में यानी 25 जनवरी 2026 को सिंगरौली जिले के जियावान थाना क्षेत्र की कूंदावार पुलिस चौकी के पास भी मिट्टी धंसने का एक बड़ा मामला सामने आया था। वहां घरेलू उपयोग के लिए छुही मिट्टी खोदने गई तीन महिलाओं की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। उस समय दो घंटे चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दो अन्य महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली थी। इन लगातार हो रहे हादसों के बाद अब ग्रामीण और श्रमिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को कड़ा करने की मांग बेहद तेज हो गई है।

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