एजेंसी, भोपाल। CM Mohan Yadav : विश्व पर्यावरण दिवस के बेहद खास मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण को सुरक्षित और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस महत्वपूर्ण अभियान का शिलान्यास करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथों से पौधारोपण किया और समाज को प्रकृति से जुड़ने का एक बड़ा संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई एक विशेष प्रदर्शनी का भी बहुत बारीकी से अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी पूरी तरह से पर्यावरण सुरक्षा, प्रकृति के संवर्धन और जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए नए-नए तकनीकी नवाचारों और राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धियों पर आधारित थी।
धरती माता का आंगन हरा-भरा रखने के लिए पौधा अवश्य लगाएं…
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपेक्स बैंक परिसर, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान’ के तहत आम का पौधा लगाया।
आज विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू हुआ पखवाड़ा विश्व योग दिवस तक चलेगा।… pic.twitter.com/1uXayWzi8p
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 5, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के नागरिकों को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंच से एलान किया कि राज्य सरकार द्वारा 5 जून से लेकर आगामी 21 जून तक पूरे प्रदेश के भीतर एक बहुत ही विशाल और विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत लाखों की संख्या में पौधे रोपे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत भर में पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार दूरदर्शी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए आम जनता की भागीदारी (जनभागीदारी) सबसे ज्यादा जरूरी है और यह नया अभियान समाज को एकजुट करने की दिशा में एक बहुत ही मील का पत्थर साबित होगा।
जल स्रोतों के पुनरुद्धार और नई शिक्षा पद्धतियों पर विमोचन
आर्थिक और प्राकृतिक विकास के समीकरणों को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सर्कुलर इकोनॉमी यानी चक्रायुक्त अर्थव्यवस्था से जुड़े पांच विशेष नए कोर्स मॉड्यूल को भी लॉन्च किया। इसके साथ ही, राज्य में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक और ऐतिहासिक काम किया गया। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के 17 जिलों के अंतर्गत आने वाली करीब 500 प्राचीन बावड़ियों के दस्तावेजीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का भी भव्य विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यावरण संतुलन और भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल संरक्षण की कई बड़ी और दूरगामी योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू की जा रही हैं। इसी कड़ी में उन्होंने राज्य के कूनो नेशनल पार्क में चल रहे ‘प्रोजेक्ट चीता’ की वैश्विक सफलता का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बेहतरीन दिशा-निर्देशों के चलते ही वन्यजीव संरक्षण के वैश्विक क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश ने आज पूरी दुनिया में अपनी एक बहुत ही विशिष्ट और मजबूत पहचान स्थापित की है।
पर्यावरण संरक्षण के नायकों को वार्षिक पुरस्कारों से नवाजा गया
इस गरिमामयी पर्यावरण कार्यक्रम के दौरान समाज में प्रकृति की रक्षा के लिए उत्कृष्ट और असाधारण काम करने वाले अलग-अलग क्षेत्रों के नायकों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने वाली विभिन्न बड़ी औद्योगिक इकाइयों, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, सक्रिय सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत रूप से जुटे पर्यावरणविदों को राज्य सरकार के प्रतिष्ठित वार्षिक पर्यावरण पुरस्कारों से पुरस्कृत किया।
उन्होंने पुरस्कार वितरित करते हुए अंत में एक बहुत ही बड़ी और मार्मिक बात कही कि पर्यावरण की सुरक्षा और धरती को हरा-भरा रखना केवल किसी सरकार की अकेले की जिम्मेदारी नहीं है। जब तक समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझेगा और अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक एक स्वच्छ, हरित और सुंदर भविष्य का निर्माण कर पाना पूरी तरह से नामुमकिन है। इसलिए सभी को आगे आकर अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए।
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