Mamata slaps worker

कोलकाता में सियासी बवाल : टीएमसी की रैली पर अंडे फेंकने के बाद भड़कीं ममता बनर्जी, अव्यवस्था पर तीन लोगों को जड़ा थप्पड़

देश/प्रदेश पश्चिम बंगाल

एजेंसी, कोलकाता। Mamata slaps TMC worker : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार को राजनीतिक माहौल उस समय बेहद गर्मा गया और हिंसक झड़प में बदल गया, जब तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी द्वारा निकाली जा रही एक रैली के दौरान विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी तकरार शुरू हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के समर्थकों पर उनकी शांतिपूर्ण रैली के ऊपर अंडे फेंकने और माहौल खराब करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। यह राजनीतिक हंगामा उस समय अपने चरम पर पहुंच गया जब यह आक्रोशित रैली और बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निजी आवास के ठीक बाहर एकत्र हो गए और वहां भारी नारेबाजी व हंगामा होने लगा। अपने घर के बाहर मचे इस जबरदस्त बवाल और सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक को देखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जिसके बाद उन्होंने नाराज होकर वहां मौजूद तीन कार्यकर्ताओं को सरेआम थप्पड़ जड़ दिए।

बारुईपुर बलात्कार और हत्याकांड के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरी टीएमसी

दरअसल, इस पूरे विवाद और राजनीतिक टकराव की शुरुआत पश्चिम बंगाल के बारुईपुर इलाके में हुई एक बेहद अमानवीय और संवेदनशील घटना के बाद हुई है। वहाँ एक 11 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर हुए वीभत्स बलात्कार और उसकी बेरहमी से की गई हत्या के विरोध में टीएमसी ने न्याय की मांग को लेकर इस विशाल रैली का आयोजन किया था। टीएमसी ने इस विरोध प्रदर्शन को आयोजित करने के लिए बाकायदा कलकत्ता हाईकोर्ट से विशेष अनुमति मांगी थी, जिसके बाद अदालत की हरी झंडी मिलने पर पार्टी कार्यकर्ता और महिलाएं सड़कों पर उतरी थीं। लेकिन जैसे ही यह रैली आगे बढ़ी, वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मार्च का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ चोर-चोर के बेहद आक्रामक नारे लगाने लगे, जिससे दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर बढ़ा तनाव और पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

जब यह विरोध प्रदर्शन मार्च और टीएमसी के सैकड़ों कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के ठीक सामने पहुंचे, तो वहां हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। अपने घर के बाहर मची इस भयंकर अव्यवस्था, धक्का-मुक्की और हंगामे को देखकर ममता बनर्जी खुद बाहर आईं और सुरक्षा व अनुशासनहीनता को लेकर उन्होंने वहां मौजूद 3 लोगों को मौके पर ही थप्पड़ मार दिए। इस घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बेहद तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस समय पूरी तरह से अराजकता का माहौल फैला हुआ है और राज्य की पुलिस निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय पूरी तरह भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के इशारों पर उनकी मददगार की तरह काम कर रही है।

कई जगहों पर कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प और पुलिस का लाठीचार्ज

हाईकोर्ट की अनुमति के बाद निकाली जा रही इस संवेदनशील रैली के दौरान दक्षिण कोलकाता के कई प्रमुख चौराहों और इलाकों में टीएमसी और भाजपा के समर्थकों के बीच तीखी बहस के साथ-साथ हिंसक झड़पें भी देखने को मिलीं। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश की, जिससे पूरी सड़क युद्ध के मैदान में तब्दील हो गई। इस अचानक भड़की हिंसा और बेकाबू होती भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए मौके पर तैनात भारी पुलिस बल को अंततः कड़ा रुख अपनाना पड़ा और हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस द्वारा किए गए इस बल प्रयोग और सड़क पर मचे भारी बवाल के कारण पूरे दक्षिण कोलकाता इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील हो गई और कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ममता बनर्जी का विपक्ष पर हमला और महिला कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है और विपक्ष पर सुनियोजित तरीके से उनकी रैली पर हमला कराने का बड़ा आरोप मढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मासूम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए निकाली जा रही रैली में शामिल महिलाओं और टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा समर्थकों ने बेहद अभद्र व्यवहार और मारपीट की है। इस हिंसक हमले में उनकी पार्टी के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर इस न्याय मार्च में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है।

भाजपा ने आरोपों को किया सिरे से खारिज, उकसाने का मढ़ा आरोप

दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष के इन तमाम गंभीर आरोपों और दावों को विपक्ष ने पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस पूरे मामले पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा या उसके कार्यकर्ताओं ने टीएमसी को किसी भी तरह की रैली निकालने से बिल्कुल नहीं रोका था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद और हिंसक टकराव की शुरुआत खुद टीएमसी के उग्र कार्यकर्ताओं ने की थी, जिन्होंने वहां शांति से खड़े भाजपा समर्थकों को जानबूझकर अपशब्द कहे और उन्हें हिंसा के लिए उकसाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब जाकर स्थानीय पुलिस को शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए मजबूरन लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिसमें उनकी पार्टी के लोग भी प्रभावित हुए हैं।

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