प्रीतम लोधी

भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की बढ़ीं मुश्किलें : आईपीएस अधिकारी को धमकाने पर पार्टी ने थमाया कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब

देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश शिवपुरी

एजेंसी, शिवपुरी। BJP MLA Pritam Lodhi : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी विवादों में घिर गए हैं। करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को खुलेआम धमकाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके आचरण को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। यह कार्रवाई आईपीएस एसोसिएशन द्वारा विधायक की अमर्यादित भाषा के विरुद्ध मोर्चा खोलने और लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई है।

पार्टी आलाकमान की सख्त चेतावनी

विधायक प्रीतम लोधी की बयानबाजी से भाजपा नेतृत्व काफी नाराज दिखाई दे रहा है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि विधायक का पिछला आचरण अत्यंत आपत्तिजनक और पार्टी की नीतियों के विरुद्ध है। नोटिस के माध्यम से प्रीतम लोधी को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

वर्दी को चुनौती और अमर्यादित बयानबाजी

सोशल मीडिया पर विधायक प्रीतम लोधी के कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें वे पुलिस अधिकारियों को डराते-धमकाते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में उन्होंने एसडीओपी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, तो दूसरे में अपने ‘हाथ की ताकत’ का प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों की ‘बेचैनी दूर करने’ की धमकी दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वे हजारों समर्थकों के साथ जाकर पुलिस अधिकारी के निवास को गंदगी से भर देंगे। साथ ही, उन्होंने पुलिस विभाग को चुनौती देते हुए शीर्ष नेतृत्व और बड़े नेताओं के नाम लेकर सवाल खड़े किए, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।

बेटे की करतूत ने बढ़ाई पिता की परेशानी

इस पूरे विवाद की जड़ विधायक के पुत्र दिनेश लोधी का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। 16 अप्रैल को दिनेश लोधी ने अपनी तेज रफ्तार थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना के बाद घायलों की मदद करने के बजाय आरोपी ने उन्हें ही धमकाना शुरू कर दिया, जिसका वीडियो सार्वजनिक हो गया था। जब पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दिनेश लोधी को थाने बुलाया और उसकी गाड़ी पर लगे अवैध हूटर, विधायक की नेम प्लेट तथा काली फिल्म के खिलाफ चालानी कार्रवाई की, तो विधायक प्रीतम लोधी अपने बेटे के बचाव में पुलिस अधिकारियों से भिड़ गए। पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की, लेकिन विधायक ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर विवाद खड़ा कर दिया।

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