Lucknow Fire Tragedy

लखनऊ में भीषण अग्निकांड : अलीगंज के कोचिंग सेंटर में लगी आग से 15 मासूमों की मौत, दर्दनाक मंजर देख बिलख पड़े उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, लखनऊ। Lucknow Fire Tragedy : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया चौराहे के पास सोमवार की दोपहर को एक बहुत ही भयावह और दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहाँ एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में संचालित हो रहे एक नामी कोचिंग संस्थान में अचानक बेहद भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में अब तक 15 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इस भयानक त्रासदी का जायजा लेने पहुंचे सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक वहां का खौफनाक मंजर और बच्चों के बेजान शरीर देखकर अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और सिसक-सिसक कर रो पड़े। इमारत के भीतर से लगातार शवों को निकालने का सिलसिला जारी है और कई अन्य लोग इस हादसे में बहुत बुरी तरह झुलस गए हैं।

कार्टून और एनिमेशन सीख रहे थे मासूम बच्चे, डिप्टी सीएम ने बयां किया दर्द

घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अत्यंत भावुक होते हुए मीडिया कर्मियों को बताया कि यह आग इतनी अचानक और तेजी से फैली कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि इस व्यावसायिक इमारत में एक आधुनिक एनिमेशन केंद्र चलाया जा रहा था, जहाँ छोटे और युवा बच्चे कंप्यूटर के माध्यम से कार्टून बनाना और अन्य तकनीकी चीजें सीखने के लिए आते थे। हादसे का शिकार हुए अधिकांश बच्चों की उम्र मात्र 16 से 17 वर्ष के बीच थी। उप मुख्यमंत्री ने भारी मन से कहा कि उन्होंने स्वयं अपनी आंखों से 14 मासूमों के शवों को देखा है, जिसने उनके दिल को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने इस पूरी घटना की एक उच्च-स्तरीय विस्तृत जांच कराने के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं और प्रमुख सचिव (गृह) के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक को भी मौके पर तलब किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रद्द किए सभी कार्यक्रम, अलीगढ़ से हुए रवाना

इस बेहद दुखद और बड़े हादसे की गंभीरता को समझते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से अपने आज के सभी पूर्व निर्धारित सरकारी और राजनैतिक कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के दौरे पर गए हुए थे, जहाँ से वे इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही विशेष माध्यम से तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने लखनऊ प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस हादसे से प्रभावित होने वाले सभी परिवारों से तुरंत व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित करें, उन्हें हर मुमकिन सरकारी सहायता प्रदान करें और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती सभी झुलसे हुए लोगों के इलाज के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात करें।

छज्जों से नीचे कूदने लगे छात्र, दीवार तोड़कर अंदर घुसे जांबाज दमकलकर्मी

घटना के समय का मंजर इतना खौफनाक और डरावना था कि चारों तरफ बस चीख-पुकार मची हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी इमारत में जहरीला काला धुआं इस कदर फैल गया था कि अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं का दम घुटने लगा। बाहर निकलने के सारे मुख्य रास्ते बंद हो चुके थे, जिसके कारण अपनी जान बचाने की हताशा में कई बच्चे बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल के छज्जों से सीधे नीचे जमीन पर कूदने लगे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान राहत और बचाव कार्य में जुटे जांबाज दमकलकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और मुख्य रास्ता बंद होने की स्थिति में कंक्रीट की मजबूत दीवारों को आधुनिक कटर से काटकर इमारत के भीतर प्रवेश किया और दम घुट रहे बच्चों को बाहर निकाला।

बंद था छत का दरवाजा, दमकल की गाड़ियों के देरी से पहुंचने का आरोप

इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कई बड़ी लापरवाही भी उजागर हो रही हैं। वहां मौजूद लोगों का आरोप है कि आग लगने की सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद तक भी दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंच पाई थीं, जिसके कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके अलावा यह बात भी सामने आ रही है कि आपातकाल की स्थिति में जान बचाने के लिए जब बच्चे ऊपर की तरफ भागे, तो छत पर जाने वाला मुख्य दरवाजा पूरी तरह से लॉक था। इस कारण बच्चे ऊपर नहीं जा सके और नीचे से आ रहे जहरीले धुएं की चपेट में आ गए। फिलहाल दमकल की 14 से अधिक गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से गैस मास्क पहनकर बचाव दल के लोग लाइब्रेरी ब्लॉक और कमरों के भीतर तलाशी अभियान चला रहे हैं।

शासन के शीर्ष अधिकारी ग्राउंड जीरो पर तैनात, शॉर्ट सर्किट की आशंका

इस भयावह अग्निकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन के शीर्ष अधिकारी तुरंत ग्राउंड जीरो यानी घटनास्थल पर मुस्तैद हो गए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरे राहत और बचाव कार्य की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार, घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है जिसके कारण मृतकों का आंकड़ा अभी और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती तौर पर इस भयानक आग का कारण बिजली के तारों में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, परंतु असली वजहों का पता उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।

ये भी पढ़े : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply