Bihar Crime News

बिहार में बबाल : अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला, भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर छिड़ा भीषण सियासी घमासान

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एजेंसी, पटना। Bihar Crime News : बिहार राज्य इस समय दो बड़ी आपराधिक और विवादित घटनाओं के कारण पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पहली घटना में हिंदी सिनेमा के मशहूर और दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी के सगे भाई पर उनके पैतृक गांव में जमीन के आपसी विवाद को लेकर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया है, जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ राज्य में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी पुलिस मुठभेड़ मामले ने एक बहुत बड़ा राजनैतिक रूप ले लिया है। इस कथित एनकाउंटर को लेकर बिहार की सत्ताधारी सरकार के भीतर ही आपसी मतभेद और घमासान खुलकर सामने आ गया है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अभिनेता पंकज त्रिपाठी के पैतृक गांव बेलसंड में खूनी संघर्ष

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक गांव बेलसंड में रविवार की देर शाम एक भयानक वारदात हुई। पुलिस के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव में जमीन के एक पुराने बंटवारे और विवाद को लेकर कुछ लोगों ने पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार कुल्हाड़ी से अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस हिंसक हमले में वे पूरी तरह लहूलुहान हो गए और उनकी हालत बेहद नाजुक बन गई। बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने खुद इस घटना की पुष्टि की है।

मुख्य हमलावर गिरफ्तार और पटना में चल रहा है इलाज

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस खूनी हमले में शामिल मुख्य आरोपी को धर-दबोचा है और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया खतरनाक हथियार यानी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। उधर गंभीर रूप से घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी को रविवार रात ही गोपालगंज के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उनकी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत राजधानी पटना के एक बड़े अस्पताल में भेज दिया। फिलहाल पटना के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका गहन उपचार चल रहा है और पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है।

भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दो टूक बयान

इसी बीच बिहार में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने राज्य के राजनैतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस मुठभेड़ को लेकर हो रही चौतरफा आलोचनाओं और तीखी बयानबाजी के बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार का रुख पूरी तरह साफ करते हुए एक बेहद सख्त और दो टूक बयान जारी किया है। उपमुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि जिसे जो भी करना है वह खुलेआम करे, लेकिन बिहार सरकार सूबे में अपराधियों और अपराध के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगी। हालांकि उन्होंने अपने पूरे वक्तव्य में सीधे तौर पर मृत भरत भूषण तिवारी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक पंडितों द्वारा उनके इस बयान को मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाने और उनके पक्ष में खड़े रहने के साफ संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार और सत्ताधारी गठबंधन के भीतर ही खड़े हुए बगावती सुर

उपमुख्यमंत्री के इस बेहद तल्ख और सख्त बयान के सामने आते ही सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के भीतर चल रही आपसी खींचतान पूरी तरह से उजागर हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू कोटे से सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने अपनी ही सरकार के पुलिस प्रशासन को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने इस एनकाउंटर को संदेहास्पद बताते हुए इसमें शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी इस पुलिस मुठभेड़ की प्रामाणिकता और तरीके पर कई बड़े सार्वजनिक सवाल उठा चुके हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पुलिस मुठभेड़ को बताया सोची-समझी हत्या

इस पूरे राजनैतिक विवाद में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब भारतीय जनता पार्टी के ही बेहद वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने अपनी सरकार की पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। अश्विनी चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यहाँ तक कह दिया कि भरत भूषण तिवारी का कोई पुलिस एनकाउंटर नहीं हुआ है, बल्कि यह सीधे तौर पर एक सोची-समझी और योजनाबद्ध हत्या है। अपनी ही पार्टी और सहयोगी दल के बड़े नेताओं के इन बगावती बयानों के कारण बिहार की पुलिस और गृह विभाग भारी दबाव में आ गया है। इस समय पूरा राज्य जहां इन गंभीर अपराधों से दहल उठा है, वहीं दूसरी तरफ राजनैतिक दल इस पर अपनी रोटियां सेकने में लगे हैं।

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