Karnataka River Accident

कर्नाटक में सीपियां चुनते समय बड़ा हादसा : नदी की तेज धारा में बहने से एक ही परिवार के 8 लोगों की डूबकर मौत, पीएम और सीएम ने जताया गहरा दुख

कर्नाटक देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, कारवार। Karnataka River Accident : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक और दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां थट्टे हक्कलू नदी में पारंपरिक रूप से सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के आठ सदस्यों की नदी के तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। मरने वालों में सात महिलाएं शामिल हैं, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिराली गांव के रहने वाले करीब 14 लोग रविवार को नदी में उतरे थे। तटीय और नदी किनारे रहने वाले स्थानीय समुदायों के लिए सीपियां चुनना एक पुरानी और पारंपरिक आजीविका की गतिविधि है। इस हादसे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की बड़ी घोषणा की है।

पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण हुआ भीषण हादसा

पुलिस सूत्रों ने इस वीभत्स दुर्घटना की वजह बताते हुए कहा कि नदी में उतरे ग्रामीण पानी के स्तर और उसकी गहराई का सही अनुमान नहीं लगा पाए और अनजाने में नदी के बहुत गहरे हिस्से में चले गए। इसी दौरान पानी के अचानक आए तेज बहाव में एक-दो लोग फंसकर बहने लगे। उन्हें डूबता देख और बचाने के प्रयास में परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी बिना सोचे-समझे नदी के गहरे पानी में कूद गए, जिसके कारण वे भी तेज धारा की चपेट में आ गए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अब तक नदी से आठ शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि दो लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। स्थानीय गोताखोर, पुलिस बल और गांव के निवासी मिलकर खोज अभियान में जुटे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया था, जो इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बना।

मृतकों की हुई पहचान और दो महिलाओं को सुरक्षित बचाया गया

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग बैठकल तालुक के अंतर्गत आने वाले शिराली गांव के निवासी थे। प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान उमेश मंजूनाथ नाइक (40), लक्ष्मी महादेव नाइक (42), लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक (30), लक्ष्मी अप्पन्ना नाइक (60), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34), मालती नाइक (38) और मस्तम्मा नाइक (60) के रूप में की गई है। इस हादसे के दौरान दो महिलाओं को स्थानीय लोगों और प्रशासन की सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनकी पहचान नागरत्ना और महादेवी के रूप में हुई है। इन दोनों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक, पांच-पांच लाख की सहायता

इस बड़ी मानवीय त्रासदी पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना के बारे में जानकर उनका मन पूरी तरह व्यथित है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है और राज्य सरकार की तरफ से प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए जिला प्रशासन पूरी ताकत से सर्च ऑपरेशन चला रहा है। इसके साथ ही कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी इस भयानक हादसे पर गहरा शोक जताया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। इस घटना के बाद से पूरे शिराली गांव में मातम पसरा हुआ है।

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