एजेंसी, बेंगलुरु। Karnataka Political Crisis : कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही उथल-पुथल और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने बेंगलुरु में एक विशेष संवाददाता सम्मेलन बुलाकर इस बात की जानकारी दी कि कांग्रेस हाईकमान के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का निर्णय लिया है। चूंकि सूबे के राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय राज्य से बाहर अपने गृह नगर इंदौर के प्रवास पर हैं, इसलिए सिद्दारमैया ने लोकभवन जाकर राज्यपाल के सचिव को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि राज्यपाल जल्द ही उनका इस्तीफा स्वीकार करके नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ करेंगे।
Today, I went to Lok Bhavan and, in the absence of the Governor, handed over my resignation letter from the post of Chief Minister to the Governor’s Special Secretary.
As someone who was born and brought up in a small village, I had never imagined that one day I would become an… pic.twitter.com/T1YxxoH7PQ
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) May 28, 2026
आलाकमान के संदेश के बाद लिया फैसला
इस पूरे सियासी घटनाक्रम की पटकथा दिल्ली में लिखी गई, जहां मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार की मैराथन बैठकें हुईं थीं। सूत्रों के अनुसार यह संदेश सीधे राहुल गांधी की तरफ से आया था, जिसके बाद सिद्दारमैया पद छोड़ने के लिए सहमत हो गए। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सिद्दारमैया को केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का वादा किया है, जिसके तहत उन्हें राज्यसभा की सीट भी दी जा सकती है। सिद्दारमैया ने पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर राहुल गांधी उनसे कहेंगे, तो वह तुरंत पद का त्याग कर देंगे।
सहयोगियों के साथ बैठक और भावुक पल
संवाददाता सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री आवास पर सुबह एक महत्वपूर्ण जलपान बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सिद्दारमैया ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों को पद छोड़ने के अपने अंतिम फैसले से अवगत कराया। इस बैठक के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले पल भी देखने को मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों में सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एक-दूसरे को गले लगाते हुए दिखाई दिए। वहीं एक अन्य तस्वीर में नए मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जिससे साफ संदेश गया कि पार्टी के भीतर सब कुछ पूरी सहमति के साथ शांतिपूर्ण ढंग से हुआ है।
सिद्दारमैया ने जताया शीर्ष नेतृत्व और जनता का आभार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिद्दारमैया ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें दो बार कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का ऐतिहासिक अवसर मिला, और इसके साथ ही उन्होंने दो बार विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने इस सफर में कदम-कदम पर साथ देने वाले पार्टी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस के पास विधानसभा में पूर्ण और मजबूत बहुमत है, इसलिए सरकार को कोई खतरा नहीं है।
डीके शिवकुमार के हाथों में होगी राज्य की कमान
सिद्दारमैया के इस्तीफे के वक्त संवाददाता सम्मेलन में उनके ठीक बगल में सूबे के उपमुख्यमंत्री और नए मुख्यमंत्री पद के इकलौते सबसे बड़े दावेदार डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। कर्नाटक में सत्ता के इस बड़े बदलाव को लेकर पिछले कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे, जिन पर अब मुहर लग चुकी है। हालांकि रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को बयान जारी कर मीडिया से अटकलें न लगाने की अपील की थी और कहा था कि अभी विधायक दल की बैठक नहीं बुलाई गई है, लेकिन अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि विधायक दल की औपचारिक बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नया नेता चुन लिया जाएगा, जिसके बाद वह कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे।
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