एजेंसी, बेंगलुरु। Karnataka Cabinet Expansion 2026 : कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली दो महीने पुरानी कांग्रेस सरकार का पहला बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को संपन्न हो गया। राजभवन में आयोजित एक सादे और गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 19 नए विधायकों को मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस नए विस्तार के साथ ही राज्य मंत्रिमंडल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। हालांकि, अंतिम समय में बनी सहमति और स्वीकृत सूची में नाम होने के बावजूद किसी भी महिला विधायक के मंत्री पद की शपथ न लेने के कारण फिलहाल पूरी कैबिनेट महिला प्रतिनिधित्व से वंचित रह गई है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से नाराज वरिष्ठ पार्टी विधायक यशवंतरायगौडा वी. पाटिल ने विधानसभा की सदस्यता से अपना त्यागपत्र सौंप दिया है, जिससे राजनीतिक हलचलों में नया मोड़ आ गया है।
ನೂತನ ಸಚಿವರಾಗಿ ಪ್ರಮಾಣ ವಚನ ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ ಎಲ್ಲಾ ನನ್ನ ಸಹೋದ್ಯೋಗಿ ಮಿತ್ರರಿಗೆ, ಹಾಗೆಯೇ ವಿಧಾನಸಭಾ ಸಭಾಧ್ಯಕ್ಷರಾಗಿ ಹಾಗೂ ಉಪಸಭಾಧ್ಯಕ್ಷರಾಗಿ, ವಿಧಾನಪರಿಷತ್ ಸಭಾಪತಿಯಾಗಿ ಹಾಗೂ ಉಪಸಭಾಪತಿಯಾಗಿ ಆಯ್ಕೆಯಾಗಿರುವ ಎಲ್ಲಾ ನಾಯಕರಿಗೆ ಹಾರ್ದಿಕ ಶುಭಾಶಯಗಳು. 1/2 pic.twitter.com/inQwZ06Jxe
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) August 3, 2026
तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की संतानें कैबिनेट में शामिल
इस नए मंत्रिमंडल विस्तार में राज्य के राजनीतिक घरानों और उनके उत्तराधिकारियों को प्रमुखता से स्थान मिला है। कर्नाटक के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की संतानें अब शिवकुमार सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा बन चुकी हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगारप्पा के पुत्र कुमार बंगारप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री एन. धर्म सिंह के पुत्र अजय सिंह शामिल हैं। नए मंत्रियों में से छह चेहरे ऐसे भी हैं जो पूर्ववर्ती सिद्धारमैया सरकार में भी मंत्री पद की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इस विस्तार से पूर्व मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने नई दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लंबी बातचीत कर नामों पर अंतिम मुहर लगवाई थी।
अंतिम समय में बदला निर्णय, गायत्री शांतेगौड़ा नहीं ले सकीं शपथ
कांग्रेस आलाकमान द्वारा स्वीकृत की गई अंतिम सूची में वरिष्ठ महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया था, लेकिन अज्ञात रणनीतिक कारणों के चलते सोमवार को उन्होंने मंत्री पद की शपथ नहीं ली। उनके शपथ न लेने के चलते डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में फिलहाल एक भी महिला चेहरा शामिल नहीं हो पाया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगदागी, रुद्रप्पा लमानी, के एस बसवंतप्पा, बी नागेंद्र, टी रघुमूर्ति, बी जेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुत्तुरंगाशेट्टी, एस एस मल्लिकार्जुन, अजय सिंह, एन चालुवरया स्वामी, के एम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, बसवराज रायरेड्डी, विजयानंद कशप्पनवर और पूर्व उप मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।
जातीय संतुलन साधने की कवायद और असंतोष का सुर
कर्नाटक की राजनीति मुख्य रूप से वोक्कालिगा, लिंगायत और कुरबा समुदायों के इर्द-गिर्द घूमती है। राज्य में लिंगायत समाज की आबादी लगभग 17 प्रतिशत है, जबकि दक्षिणी कर्नाटक में वोक्कालिगा समुदाय का वर्चस्व है, जो लगभग 15 प्रतिशत है और जिसका नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार करते हैं। इसके अतिरिक्त 7 से 8 प्रतिशत आबादी वाला कुरबा समाज एक बेहद प्रभावशाली पिछड़ा वर्ग है, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में इन सभी सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। उल्लेखनीय है कि गत 3 जून को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और 12 अन्य मंत्रियों के साथ पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। राज्य में संवैधानिक नियमों के तहत मुख्यमंत्री सहित कुल 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन जगह न मिलने के कारण पार्टी के कुछ विधायकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: कर्नाटक में डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में कितने नए मंत्रियों ने शपथ ली?
उत्तर: इस मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 19 नए विधायकों ने मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली।
प्रश्न 2: नए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कौन सी एक प्रमुख बात सबसे ज्यादा चर्चा में रही?
उत्तर: अंतिम सूची में नाम होने के बावजूद वरिष्ठ महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा के शपथ न लेने से पूरी कैबिनेट महिला प्रतिनिधित्व से वंचित रह गई।
प्रश्न 3: शिवकुमार मंत्रिमंडल में शामिल किए गए तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे कौन-कौन हैं?
उत्तर: इनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया, एस. बंगारप्पा के पुत्र कुमार बंगारप्पा और एन. धर्म सिंह के पुत्र अजय सिंह शामिल हैं।
प्रश्न 4: मंत्रिमंडल विस्तार से नाराज होकर किस कांग्रेस विधायक ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया?
उत्तर: मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौडा वी. पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रश्न 5: कर्नाटक की राजनीति में किन तीन समुदायों की प्रमुख भूमिका है, जिन्हें कैबिनेट में साधने का प्रयास किया गया?
उत्तर: राज्य में वोक्कालिगा, लिंगायत और कुरबा समुदायों की प्रमुख राजनीतिक भूमिका है।
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