एजेंसी, देहरादून। BC Khanduri Death : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। 91 वर्षीय खंडूरी लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने देहरादून में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सैन्य जगत में शोक की लहर फैल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। खंडूरी को उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदार और सादगीपूर्ण छवि वाले नेताओं में गिना जाता था। उन्होंने सेना और राजनीति दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया और लंबे समय तक जनसेवा से जुड़े रहे।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के… pic.twitter.com/JNhgOsj0eY
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मेजर जनरल बीसी खंडूरी ने देश की सेवा सेना और राजनीति दोनों में पूरी निष्ठा के साथ की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने उनके केंद्रीय मंत्री के कार्यकाल को भी सराहा और कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खंडूरी ने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। राष्ट्रपति ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
सेना से राजनीति तक बनाया अलग मुकाम
बीसी खंडूरी का जीवन अनुशासन और सेवा की मिसाल माना जाता है। राजनीति में आने से पहले वह भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद तक पहुंचे थे। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जल्द ही भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। उन्होंने उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वह कैबिनेट मंत्री रहे और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।
सादगी और साफ छवि के लिए थे प्रसिद्ध
राजनीतिक गलियारों में बीसी खंडूरी को उनकी साफ-सुथरी छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जाना जाता था। उत्तराखंड में सुशासन और विकास को लेकर उनकी कार्यशैली की अक्सर चर्चा होती रही। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी उनकी मजबूत पकड़ थी। उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने बताया कि उनके पिता ने मंगलवार सुबह अंतिम सांस ली। हाल के दिनों में उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी क्षति
बीसी खंडूरी के निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उन्होंने राज्य में विकास और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देने की कोशिश की थी। उनके निधन के बाद भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। उत्तराखंड में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच गहरा दुख है। कई स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। उनके निधन के साथ ही राज्य की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।


