एजेंसी, जोधपुर। Jodhpur airport new terminal : राजस्थान के विकास पथ को एक नई ऊंचाई देते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मरुधरा दौरे के दौरान जोधपुर विमानक्षेत्र पर नवनिर्मित अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का औपचारिक रूप से लोकार्पण कर दिया है। शनिवार को आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में प्रधानमंत्री ने रिमोट का नियंत्रण दबाकर इस महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना को राष्ट्र के नाम समर्पित किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के आम नागरिकों को सस्ती और सुलभ हवाई यात्रा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित उड़े देश का आम नागरिक अर्थात उड़ान योजना के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अगले चरण का भी आधिकारिक शंखनाद किया, जो आने वाले समय में देश के नागरिक विमानन क्षेत्र की तस्वीर बदलने में सक्षम है।
Delighted to inaugurate the New Terminal Building at Jodhpur Airport.
In addition to providing passengers with better amenities, it will also strengthen tourism, trade and economic opportunities across Rajasthan.
India’s aviation sector continues to soar, powered by… pic.twitter.com/1V0jN5Tgcl
— Narendra Modi (@narendramodi) July 4, 2026
480 करोड़ रुपये की विशाल लागत और विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं
जोधपुर विमानक्षेत्र का यह नवनिर्मित टर्मिनल भवन वैश्विक स्तर की तमाम अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित है, जिसे हवाई यात्रियों की यात्रा को बेहद सरल, सुगम और आरामदायक बनाने के दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। इस अत्यंत भव्य और विशाल परियोजना के निर्माण पर कुल 480 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि का निवेश किया गया है। यह पूरा परिसर 23,000 वर्ग मीटर से भी अधिक के एक बेहद विस्तृत भूभाग पर फैला हुआ है। बुनियादी ढांचे की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह नया टर्मिनल भवन अब प्रत्येक वर्ष लगभग 20 लाख हवाई यात्रियों की आवाजाही को बहुत ही सुचारू रूप से संभालने की सर्वोच्च क्षमता रखता है।
मारवाड़ की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला का बेजोड़ संगम
इस नए टर्मिनल परिसर की सबसे मुख्य और आकर्षक विशेषता इसका बेमिसाल स्थापत्य अर्थात आर्किटेक्चर है, जो राजस्थान की सदियों पुरानी शाही परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है। भवन के बाहरी और आंतरिक ढांचे के निर्माण में राजस्थान की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले पारंपरिक मेहराबों, नक्काशीदार झरोखों और प्राचीन छतरियों जैसे राजसी तत्वों को आज के दौर के समकालीन और आधुनिक स्थापत्य कला के डिजाइनों के साथ बेहद खूबसूरती और बारीकी से पिरोया गया है। यह टर्मिनल यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को कदम रखते ही मारवाड़ की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत अहसास कराएगा।
पर्यावरण संरक्षण और फाइव स्टार रेटिंग हासिल करने का बड़ा लक्ष्य
नए हवाई अड्डा टर्मिनल के निर्माण और रूपरेखा में सतत विकास अर्थात सस्टेनेबल डेवलपमेंट के सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस भवन को पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इसमें उन्नत ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, सौर ऊर्जा के उपयोग, बेहतरीन जल संरक्षण तकनीकों और हरित भवन निर्माण पद्धतियों का व्यापक रूप से समावेश किया गया है। इन सभी पर्यावरण-हितैषी और अनुकरणीय प्रयासों के माध्यम से इस आधुनिक टर्मिनल भवन का मुख्य लक्ष्य गृह अर्थात ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट की प्रतिष्ठित 5 स्टार रेटिंग प्राप्त करना है, जो देश के गिने-चुने हवाई अड्डों को ही हासिल है।
पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों का उदय
जोधपुर विमानक्षेत्र पर इस नए और बड़े टर्मिनल के विधिवत आरंभ होने से न केवल पूरे पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन उद्योग को नई उड़ान और पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी एक बहुत बड़ा संबल प्राप्त होगा। हवाई संपर्क के सुदृढ़ होने से मारवाड़ के इस पूरे अंचल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए तरक्की के नए द्वार खुलेंगे।
उड़ान योजना के अगले चरण के लिए 28,840 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गरिमामयी मंच से क्षेत्रीय संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संशोधित उड़ान योजना की शुरुआत की है, जिसके लिए सरकार ने 28,840 करोड़ रुपये का एक बहुत ही विशाल बजट आरक्षित किया है। इस रणनीतिक और दूरदर्शी पहल का मुख्य लक्ष्य आगामी 10 वर्षों के भीतर पूरे देश में विमानन-आधारित आर्थिक विकास को एक तीव्र गति प्रदान करना है, जिससे देश के सुदूर और छोटे-बड़े शहरों के मध्य एक स्थायी तथा व्यापक हवाई नेटवर्क स्थापित किया जा सके। विमानन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, यह कदम भारतीय नागरिक उड्डयन के इतिहास में एक युगांतरकारी और क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा। इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह के भव्य साक्षी के रूप में राजस्थान के माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन व जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत सहित सरकार के कई वरिष्ठ नेता तथा प्रशासनिक अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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