एजेंसी, नई दिल्ली। India GDP Growth : देश की आर्थिक प्रगति को लेकर एक बेहद ही उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार की ओर से देश की विकास दर यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है और यह 7.7 प्रतिशत की दमदार रफ्तार से आगे बढ़ी है। इस तेज गति के पीछे व्यापार, होटल और आतिथ्य सत्कार, परिवहन व्यवस्था तथा रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का सबसे बेहतरीन योगदान रहा है। इन सभी सेक्टर्स में आई तेजी की बदौलत ही देश ने इस बड़ी उपलब्धि को हासिल किया है।
🇮🇳’s growth journey continues.
Despite global shocks and uncertainties, India’s economic engine delivers GDP growth rate of 7.7% in FY 2025-26 and 7.8% in Q4 of FY 2025-26.
A testament to taking forward the reform agenda.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 5, 2026
यह बढ़ोतरी इसलिए भी बहुत खास मानी जा रही है क्योंकि सरकार ने साल 2022-23 को आधार वर्ष मानकर जो एक नई गणना श्रृंखला (सीरीज) शुरू की थी, उसके बाद से दर्ज की गई यह अब तक की सबसे तेज और बड़ी वृद्धि है। अगर हम इससे पिछले सालों के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो पता चलता है कि देश की तरक्की का ग्राफ लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है। सरकार के सांख्यिकी विभाग द्वारा शुक्रवार को जो आधिकारिक जानकारी साझा की गई है, उसके मुताबिक साल 2023-24 में देश की आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत रही थी। इसके बाद साल 2024-25 के पहले संशोधित अनुमानों में यह रफ्तार 7.1 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिसके मुकाबले इस बार अर्थव्यवस्था ने एक लंबी छलांग लगाई है।
देश के कुल उत्पादन मूल्य में हुआ भारी इजाफा
सरकारी आंकड़ों में इस बात का भी विस्तार से जिक्र किया गया है कि बीते 31 मार्च को समाप्त हुए पिछले पूरे वित्त वर्ष के दौरान देश का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (रियल जीडीपी) बढ़कर कुल 323.12 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। आर्थिक मोर्चे पर यह कितनी बड़ी कामयाबी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि ठीक एक साल पहले यही आंकड़ा 299.89 लाख करोड़ रुपये पर टिका हुआ था। इसके साथ ही अगर मौजूदा बाजार भाव के आधार पर मापे जाने वाले नॉमिनल जीडीपी यानी सांकेतिक सकल घरेलू उत्पाद की बात करें, तो वह भी इस अवधि के दौरान बढ़कर 346.36 लाख करोड़ रुपये के विशाल स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि सालाना आधार पर देश के नॉमिनल जीडीपी में पूरे 8.9 प्रतिशत की एक बहुत ही मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आखिरी तिमाही के नतीजों ने भी किया कमाल
अगर पूरे साल को अलग-अलग तिमाहियों में बांटकर देखा जाए, तो वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी तीन महीनों यानी चौथी तिमाही के नतीजे भी बेहद चौंकाने वाले और मजबूत रहे हैं। इस चौथी तिमाही के दौरान स्थिर कीमतों के आधार पर देश की वास्तविक आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिससे देश का कुल उत्पादन मूल्य 87.77 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले की तिमाहियों में भी देश का प्रदर्शन काफी ठोस था, जहां तीसरी तिमाही में यह रफ्तार पूरे आठ प्रतिशत पर थी, वहीं दूसरी तिमाही में इसने 8.3 प्रतिशत का आंकड़ा छुआ था और पहली तिमाही में यह दर 6.8 प्रतिशत रही थी। इसके अलावा चौथी तिमाही के दौरान नॉमिनल जीडीपी में भी 9.1 प्रतिशत का एक बड़ा उछाल देखा गया, जिससे इसका कुल मूल्य 94.65 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। इन लगातार आ रहे मजबूत आंकड़ों से साफ है कि भारतीय बाजार और उद्योग जगत इस समय बेहद मजबूत स्थिति में काम कर रहे हैं।
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