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असम में हिमंत कैबिनेट का बड़ा पुनर्गठन, अशोक सिंघल सहित 12 नेताओं ने ली मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ

असम देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, गुवाहाटी। Assam Cabinet : असम की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने शुक्रवार को अपनी राज्य मंत्रिपरिषद का बड़ा विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस नई टीम में भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगी दलों के कुल 12 विधायकों को शामिल किया गया है, जिन्होंने नए मंत्री के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। नए मंत्रियों की इस सूची में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख विधायक रनोज पेगू, अशोक सिंघल, बिस्वजीत दैमारी और उनके साथ ही असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंत जैसे कई बड़े चेहरे शामिल हैं। इस नए विस्तार के लागू होने के साथ ही असम सरकार की मंत्रिपरिषद में कुल सदस्यों की संख्या अब बढ़कर 17 के आंकड़े पर पहुंच गई है।

राज्य के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी शहर में स्थित ‘ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर’ के परिसर में आयोजित एक बेहद भव्य और विशेष सरकारी समारोह के दौरान सभी नवनिर्वाचित विधायकों को उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक राजनैतिक अवसर पर सूबे के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा खुद मौजूद थे। उनके अलावा केंद्र सरकार के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गेरिटा भी वहां पहुंचे थे। साथ ही असम विधानसभा के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई वरिष्ठ विधायक और नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने। इस बार कैबिनेट में शामिल होने वाले बिल्कुल नए चेहरों में भारतीय जनता पार्टी के अश्विनी राय सरकार, नीलिमा देवी और सुशांत बोरगोहेन का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।

पुराने और अनुभवी चेहरों पर दोबारा जताया भरोसा

मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने इस बार अपनी टीम का विस्तार करते समय पुराने और अनुभवी मंत्रियों के कामकाज पर भी भरोसा जताया है। यही वजह है कि उनकी पिछली कैबिनेट का हिस्सा रहे असम गण परिषद के बड़े नेता केशव महंत को इस बार भी सरकार में जगह दी गई है। उनके अलावा शपथ लेने वाले नेताओं में भारतीय जनता पार्टी के विधायक बिमल बोरा, जयंत मल्ला बरुआ, कौशिक राय, कृष्णेंदु पॉल और पीजूष हजारिका का नाम भी है। यह सभी वे राजनेता हैं जो शर्मा की पिछली सरकार में भी बतौर मंत्री अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उनके पास कामकाज का एक लंबा और अच्छा अनुभव मौजूद है।

भाषा के लिहाज से देखा जाए तो इस शपथ ग्रहण में एक खास बात यह रही कि भाजपा विधायक अश्विनी राय सरकार ने अपनी शपथ राष्ट्रभाषा हिंदी में ली, जबकि उनके अलावा बाकी के सभी अन्य विधायकों ने असम की क्षेत्रीय भाषा असमी में अपने पद की शपथ पूरी की। इस नए फेरबदल के बाद अब असम की मुख्य मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 17 सदस्य हो चुके हैं। इससे पहले सरकार गठन के तुरंत बाद बीते 12 मई को चार अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी, जिनमें असम गण परिषद के अतुल बोरा, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो और भारतीय जनता पार्टी की ओर से अजंता नियोग तथा रामेश्वर तेली का नाम शामिल था।

हर वर्ग और हर इलाके को सरकार में मिला उचित स्थान

असम की इस नई मंत्रिपरिषद के राजनैतिक और सामाजिक ढांचे को अगर ध्यान से देखा जाए तो इसमें भारतीय जनता पार्टी के 13 मंत्रियों को जगह मिली है, जबकि असम गण परिषद के दो और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से एक मंत्री को शामिल किया गया है। आधी आबादी यानी महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करें तो इस पूरी कैबिनेट में अजंता नियोग और नीलिमा देवी के रूप में दो महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है, जो कि पिछली सरकार के बराबर ही है। इस पूरे मंत्रिमंडल विस्तार में असम की विविध सामाजिक जातियों, अलग-अलग समुदायों और भौगोलिक क्षेत्रों के बीच एक बहुत ही बेहतरीन संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है।

इलाके के हिसाब से बराक घाटी के क्षेत्र को मजबूती देते हुए वहां से दो प्रतिनिधियों कौशिक राय और कृष्णेंदु पॉल को कैबिनेट में लिया गया है। वहीं बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो और भाजपा के बिस्वजीत दैमारी बोडो समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। जनजातीय समीकरणों की बात करें तो रनोज पेगु मिसिंग जनजाति से आते हैं, जबकि अश्विनी राय सरकार कोच राजबोंगशी जनजाति से और सुशांत बोरगोहेन अहोम समुदाय का चेहरा हैं। इसके साथ ही भौगोलिक रूप से सुशांत बोरगोहेन और बिमल बोरा जहां ऊपरी असम के इलाके का नेतृत्व करते हैं, वहीं अशोक सिंघल राज्य के उत्तरी हिस्से से आते हैं। पीजूष हजारिका को मध्य असम और जयंत मल्ला बरुआ को निचले असम के क्षेत्र से प्रतिनिधित्व सौंपकर सरकार ने पूरे राज्य को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने बीते 12 मई को अपने चार प्रमुख मंत्रियों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी। असम में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 126 सीटों वाली विधानसभा में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए कुल 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस बंपर जीत में अकेले भारतीय जनता पार्टी को कुल 82 सीटें हासिल हुई थीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टियों असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 10-10 सीटों पर अपना कब्जा जमाया था। तभी से कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज थीं, जिसे अब अमलीजामा पहना दिया गया है।

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