एजेंसी, वाशिंगटन/तेहरान। Donald Trump Secret Mission : हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और व्यापारिक संकट को देखते हुए अमेरिका ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। अमेरिकी सेना ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगें साफ करने के लिए अत्याधुनिक समुद्री रोबोट और ड्रोन तैनात कर दिए हैं। ईरान द्वारा इस मार्ग पर बढ़ती पाबंदियों और सुरक्षा खतरों के बीच, अमेरिका का लक्ष्य जहाजों की आवाजाही को फिर से सुगम बनाना है।
समुद्री रोबोट क्यों हैं इस मिशन का आधार?
हॉर्मुज का यह रास्ता वैश्विक तेल व्यापार की जीवन रेखा माना जाता है। ईरान की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण बड़े मालवाहक जहाजों का गुजरना जोखिम भरा हो गया था। अब अमेरिका छोटे-छोटे ऐसे रोबोट का इस्तेमाल कर रहा है जो पानी की गहराई में जाकर इन सुरंगों का सटीक पता लगा सकते हैं। एक बार पहचान होने के बाद, अन्य रोबोटिक उपकरणों की मदद से इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा सकेगा। इस तकनीक से मानवीय जान का जोखिम कम होगा और काम की गति भी बढ़ेगी।
भारत के लिए इस अभियान के मायने
यह मिशन भारत के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की तेल जरूरतों का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। हाल ही में इस मार्ग पर भारतीय जहाजों के साथ हुई अप्रिय घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी। यदि अमेरिका इन समुद्री रोबोटों के जरिए रास्ता साफ करने में कामयाब रहता है, तो भारत में तेल की आपूर्ति फिर से सामान्य हो जाएगी। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।
तकनीक से बचेगा समय और संसाधन
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानव रहित अंडरवाटर व्हीकल के उपयोग से उन क्षेत्रों को कुछ ही दिनों में सुरक्षित किया जा सकता है, जिन्हें साफ करने में पहले हफ्तों लग जाते थे। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, पहले रोबोटिक स्कैनिंग के जरिए पूरे इलाके का नक्शा तैयार किया जाएगा, और जरूरत पड़ने पर ही विशेषज्ञों की टीम को मैदान में उतारा जाएगा। यह कदम वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी तकनीकी छलांग माना जा रहा है।
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