नासिक टीसीएस मामला

नासिक टीसीएस मामला : मानवाधिकार आयोग ने तलब की रिपोर्ट, फरार आरोपी निदा खान ने कोर्ट में दी अग्रिम जमानत की अर्जी

देश/प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय

एजेंसी, नासिक। नासिक टीसीएस केस : नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक और संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आरोपी ने खुद को बताया गर्भवती

मामले में नामजद और वर्तमान में फरार आरोपी निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। अपनी अर्जी में निदा ने खुद को गर्भवती बताते हुए राहत की मांग की है। वहीं निदा के पिता का दावा है कि उनकी बेटी को एक बड़ी साजिश के तहत फंसाया गया है। उनके अनुसार निदा का शिकायतकर्ता महिला से कभी कोई संवाद नहीं हुआ और उनका परिवार सभी धर्मों का आदर करता है।

एसआईटी की जांच तेज,

पति से हुई पूछताछ मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को मुंबई के मुंब्रा में निदा के पति से करीब चार घंटे तक सघन पूछताछ की। पुलिस अब तक इस प्रकरण में 8 लोगों के विरुद्ध 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसियों ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर शामिल हैं।

कंपनी ने किया सस्पेंड,

सिस्टम एक्सेस छीना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीसीएस कंपनी ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए 9 अप्रैल को ही निदा खान को नौकरी से निलंबित कर दिया था। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है और उन्हें कार्यालय की सभी सामग्री लौटाने का निर्देश दिया है। निदा दिसंबर 2021 से यहाँ प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर कार्यरत थीं।

यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के गंभीर आरोप

पुलिस की जांच में सामने आया है कि 8 महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर्स पर मानसिक और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। शिकायतों के अनुसार, यह सिलसिला फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच चला। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, अश्लील टिप्पणियां कीं और ऑफिस के भीतर छेड़छाड़ की। एक मामले में कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने और उसके मूल धर्म का अपमान करने की बात भी सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह एक संगठित मॉड्यूल का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसका पर्दाफाश करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस गिरोह को पूरी तरह खत्म करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भी सहायता ली जा रही है।

ये भी पढ़े : नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामला अब सुप्रीम कोर्ट में : कंपनी ने लागू किया वर्क फ्रॉम होम, अब तक 7 गिरफ्तार

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply