Datia By Election

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा की बड़ी बिसात : सांसद भरत कुशवाह बने प्रभारी और राहुल कोठारी को मिली सह-प्रभारी की कमान

दतिया प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। Datia By Election BJP : मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस बेहद महत्वपूर्ण दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को हर हाल में जीतने के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारियां पूरी तरह से झोंक दी हैं। चुनावी जंग को फतह करने के उद्देश्य से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को एक आधिकारिक संगठनात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत क्षेत्र में पार्टी के चुनाव अभियान को सही दिशा देने के लिए चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी के नामों की घोषणा कर दी गई है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

ग्वालियर के सांसद भरत सिंह कुशवाह को सौंपी गई चुनाव प्रभारी की अहम जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नियुक्ति पत्र के अनुसार, ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र के कद्दावर सांसद भरत सिंह कुशवाह को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। सांसद भरत सिंह कुशवाह को क्षेत्र की जमीनी राजनीति और संगठनात्मक कार्यों का एक बहुत ही लंबा अनुभव है। पार्टी आलाकमान को पूरा भरोसा है कि उनकी अगुवाई में दतिया के भीतर पार्टी का चुनावी कैंपेन बेहद आक्रामक और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ेगा, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर बड़ी बढ़त हासिल हो सकेगी।

प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी संभालेंगे सह-प्रभारी के रूप में मोर्चा

मुख्य चुनाव प्रभारी की सहायता करने और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए भाजपा ने अपने फायरब्रांड नेता और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी को सह-प्रभारी की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इन दोनों ही दिग्गज नेताओं के कंधों पर दतिया क्षेत्र में संपूर्ण चुनाव अभियान का बारीकी से समन्वय करने, विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों को धरातल पर तेज करने और सबसे महत्वपूर्ण पोलिंग बूथ स्तर तक जाकर पार्टी की चुनावी व्यूहरचना को अभेद्य व मजबूत बनाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी रहेगी। राजनीतिक हलकों में इन दोनों चेहरों की नियुक्ति को भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

दतिया क्षेत्र के 27 हजार कुशवाह मतदाताओं को साधने की बड़ी रणनीतिक चाल

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों के अनुसार, सांसद भरत सिंह कुशवाह को दतिया का चुनाव प्रभारी बनाए जाने के पीछे भारतीय जनता पार्टी का एक बहुत बड़ा सामाजिक और जातीय समीकरण काम कर रहा है। दरअसल, दतिया विधानसभा क्षेत्र के भीतर करीब 27 हजार कुशवाह समाज के मतदाता निवास करते हैं, जो किसी भी चुनाव में हार-जीत का फैसला करने में पूरी तरह से निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यदि पिछले 4 विधानसभा चुनावों के इतिहास पर नजर डाली जाए, तो इस सीट पर जीत और हार का अंतिम अंतर महज 10 से 12 हजार वोटों के भीतर ही सिमट कर रह गया था। ऐसे में भाजपा संगठन ने कुशवाह समाज के वोट बैंक के बीच अपनी पैठ को शत-प्रतिशत मजबूत करने के लिए यह बड़ा दांव खेला है, हालांकि पार्टी ने इस जातीय समीकरण पर कोई भी आधिकारिक बयान देने से पूरी तरह परहेज किया है।

30 जुलाई को ईवीएम में बंद होगी प्रत्याशियों की किस्मत और 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार, दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आगामी 30 जुलाई को मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इसके बाद 3 अगस्त को मतों की गणना की जाएगी और उसी दिन चुनावी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है। हालांकि, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस सीट पर चुनाव लड़ने की जमीनी तैयारी काफी पहले ही शुरू कर दी थी, लेकिन पार्टी के आंतरिक सर्वे और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर संगठन ने युवा चेहरे आशुतोष तिवारी पर अपना भरोसा जताया है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह से होगा भाजपा के आशुतोष तिवारी का सीधा मुकाबला

इस उपचुनाव में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंक दी है और उसने दतिया सीट से अपने पुराने एवं कद्दावर नेता व पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को एक बार फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है। इस प्रकार दतिया का यह उपचुनाव घनश्याम सिंह और आशुतोष तिवारी के बीच एक बेहद दिलचस्प और कांटे के मुकाबले में तब्दील हो चुका है। जहां एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को क्षेत्र में अपनी साफ-सुथरी छवि और पुराने अनुभवों पर पूरा भरोसा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को राज्य की सत्ता, मजबूत संगठन और पार्टी के नए प्रभारियों की कुशल रणनीति का पूरा संबल प्राप्त है। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि 3 अगस्त को दतिया की जनता किसके सिर पर जीत का सेहरा बांधती है।

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