एजेंसी, अयोध्या। Ayodhya Ram Mandir : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उपजे ताजा विवाद के बीच राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को खुद रामनगरी पहुंचे। वहां रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक बड़े जनसमूह वाले कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने करीब 378 करोड़ रुपये से भी अधिक लागत की 126 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी और उनका लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति या संगठन के पास इस मामले से जुड़े कोई भी पुख्ता सबूत या ठोस प्रमाण मौजूद हैं, तो उन्हें तुरंत विशेष जांच दल यानी एसआईटी को सौंप देने चाहिए। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार इस पूरे मामले की अत्यंत निष्पक्षता से जांच करवा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं…
SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी…
अगर कोई अपराधी है, वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है… pic.twitter.com/8YsbHVBKUv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 19, 2026
विशेष जांच दल की तफ्तीश से दूध का दूध और पानी का पानी होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए यह साफ किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के खुद के आग्रह और निवेदन पर ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इस विशेष जांच दल का गठन किया है। उन्होंने जनता और सभी राजनीतिक दलों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस उच्च स्तरीय जांच के जरिए बहुत जल्द ही पूरी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी और दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से बेहद संजीदगी के साथ यह अपील भी की कि जब तक जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी को भी इस संवेदनशील विषय पर बिना वजह की बयानबाजी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी भी संस्था या व्यक्ति के चरित्र हनन का प्रयास करना पूरी तरह से गलत है।
अयोध्या को बदनाम करने की साजिश कर रहा है विपक्ष
राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना के लिए देश के सनातन समाज ने पूरे 500 वर्षों तक एक लंबा और कड़ा संघर्ष किया है। इस पावन स्थल और प्रभु राम से दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था और भावनाएं गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किसी भी दल या नेता को अयोध्या की पावन छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने का कुत्सित प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि वे राम मंदिर के नाम पर इस तरह की ओछी राजनीति करना तुरंत बंद करें।
रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज दे रहे हैं सुशासन का उपदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए उनके पुराने इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के सम्मान की दुहाई दे रहे हैं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने अतीत में सत्ता में रहते हुए निहत्थे कारसेवकों और रामभक्तों पर क्रूरतापूर्वक गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के दोहरा चरित्र होने की बात कहते हुए कहा कि जय श्रीराम का उद्घोष करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने वाले लोग आज हमें उपदेश दे रहे हैं, जिसे जनता भली-भांति समझती है।
सुप्रीम कोर्ट में भगवान के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले अब मचल रहे
कांग्रेस पार्टी पर अपना निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दल ने राम मंदिर के निर्माण कार्य को अटकाने, भटकाने और रोकने के लिए कानूनी से लेकर राजनीतिक स्तर तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से हलफनामा देकर यह कहा गया था कि भगवान राम का कोई ऐतिहासिक अस्तित्व ही नहीं था। वही कांग्रेस आज अयोध्या के मामले को लेकर बेवजह मचल रही है और घड़ियाली आंसू बहा रही है। उन्होंने देश की जनता को ऐसे दोहरे मापदंड रखने वाले राजनीतिक तत्वों से पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने का आह्वान किया।
दोषियों को मिलेगी सख्त सजा, पर बिना सबूत के बयानबाजी बर्दाश्त नहीं
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कानून व्यवस्था की सर्वोच्चता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुशासन का राज है और यदि कोई भी व्यक्ति वित्तीय अनियमितता या किसी अन्य अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून सम्मत कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि महज राजनीतिक लाभ के लिए बिना किसी आधार या साक्ष्य के मनगढ़ंत आरोप लगाना और करोड़ों रामभक्तों के दिलों को ठेस पहुँचाना पूरी तरह से निंदनीय है। उन्होंने सभी से ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने की अपेक्षा की ताकि राज्य के विकास की गति बिना रुके आगे बढ़ती रहे। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने महान राष्ट्रभक्त वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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